{"_id":"5b6de44b4f1c1ba43e8b65c6","slug":"61533928523-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन से बिजली गुल ग्रामीणों का फुटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन से बिजली गुल ग्रामीणों का फुटा गुस्सा
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
कछवां। क्षेत्र के गांवों में तीन दिन से बिजली न आने के कारण ग्रामीणों ने कछवां विद्युत उपकेंद्र कार्यालय पहुंच कर शुुक्रवार को दो बजे विरोध प्रदर्शन किया। 40 हजार मेगावाट का तीसरी बार तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों द्वारा हंगामा करने पर बिजली विभाग के प्रधान लिपिक मनीष सिंह ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। इसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए।
शुक्रवार को परेड वार्ड स्थित बिजली उपकेंद्र कार्यालय पर ग्रामीण पहुंचे और तीन दिन से बिजली न आने का कारण कर्मचारियों से पूछने लगे। किसी के द्वारा आपूर्ति बाधित होने का कारण नहीं बताए जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर वहां मौजूद लिपिक मनीष सिंह ने ग्रामीणों को किसी प्रकार शांत कराया। उन्होंने कहा कि फाल्ट के चलते आपूर्ति बाधित है। एक दो दिन में सप्लाई सही हो जाएगी। इस आश्वासन पर लोग शांत हो गए। तीन दिन से बिजली न आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 40 हजार मेगावाट के जर्जर तार को बदलने के लिए ग्रामीणों के द्वारा कई बार शिकायत की गई है, परंतु कोई भी अधिकारी या राजनेता ठीक कराने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में बिजली सप्लाई न आने के कारण फसल की सिंचाई करने में परेशानी आ रही है। जबकि धान की बुआई करने के लिए किसानों को महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग अधिकारियों से गांवों की बिजली चालू कराने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान फीडर पर न जेई थे और न ही एसडीओ। सभी अधिकारी मिर्जापुर बैठक में गए थे।
एसडीओ उमेश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को एक दो दिन भी ईंतजार करना पड़ सकता है। एक दो हफ्ते भी लग सकते हैं क्योंकि महराजगंज के पास नेवड़िया घाट पर गंगा के बीच में 40 हजार मेगावाट का तार टूट गया है, जिसे जोड़ने में समय लग सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को परेड वार्ड स्थित बिजली उपकेंद्र कार्यालय पर ग्रामीण पहुंचे और तीन दिन से बिजली न आने का कारण कर्मचारियों से पूछने लगे। किसी के द्वारा आपूर्ति बाधित होने का कारण नहीं बताए जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर वहां मौजूद लिपिक मनीष सिंह ने ग्रामीणों को किसी प्रकार शांत कराया। उन्होंने कहा कि फाल्ट के चलते आपूर्ति बाधित है। एक दो दिन में सप्लाई सही हो जाएगी। इस आश्वासन पर लोग शांत हो गए। तीन दिन से बिजली न आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 40 हजार मेगावाट के जर्जर तार को बदलने के लिए ग्रामीणों के द्वारा कई बार शिकायत की गई है, परंतु कोई भी अधिकारी या राजनेता ठीक कराने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में बिजली सप्लाई न आने के कारण फसल की सिंचाई करने में परेशानी आ रही है। जबकि धान की बुआई करने के लिए किसानों को महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग अधिकारियों से गांवों की बिजली चालू कराने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान फीडर पर न जेई थे और न ही एसडीओ। सभी अधिकारी मिर्जापुर बैठक में गए थे।
विज्ञापन
एसडीओ उमेश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को एक दो दिन भी ईंतजार करना पड़ सकता है। एक दो हफ्ते भी लग सकते हैं क्योंकि महराजगंज के पास नेवड़िया घाट पर गंगा के बीच में 40 हजार मेगावाट का तार टूट गया है, जिसे जोड़ने में समय लग सकता है।
विज्ञापन