{"_id":"5a429e0f4f1c1b0b788b5141","slug":"61514315279-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद के सभी गांवों को बनाना है कुपोषण मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद के सभी गांवों को बनाना है कुपोषण मुक्त
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने राज्य पोषण मिशन अभियान की समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी गांवों को कुपोषण मुक्त बनाना है। पहले चरण में किसी भी दशा में अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए 92 गांवों को प्राथमिकता पर कुपोषण मुक्त करना है। जिन अधिकारियों ने गांवों को गोद लिया है, गांवों में शिविर लगाएं और प्रधान और सदस्यों संग बैठक करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी आपस में समन्वय स्थापित करके कार्य करें। प्रत्येक गांव में वजन मशीन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दो दिन में गांवों में वजन मशीन उपलब्ध करा दें। सीएमओ सुनिश्चित करें कि कुपोषण की जांच के लिए तैनात चिकित्सक गांव- गांव जाकर बच्चों की जांच करें। जांच के दौरान लाल और पीले श्रेणी के बच्चों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर 102 एंबुलेंस से पीएचसी अथवा सीएसची पर पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बीएसए और सीएमओ समन्वय स्थापित करके सभी परिषदीय स्कूलों में किशोरियों को दी जाने वाली गोलियां उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीएसओ अंजनी कुमार सिंह से किशोरियों को समय से अनाज उपलब्ध कराने को कहा। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी, डीसी मनरेगा संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी आपस में समन्वय स्थापित करके कार्य करें। प्रत्येक गांव में वजन मशीन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दो दिन में गांवों में वजन मशीन उपलब्ध करा दें। सीएमओ सुनिश्चित करें कि कुपोषण की जांच के लिए तैनात चिकित्सक गांव- गांव जाकर बच्चों की जांच करें। जांच के दौरान लाल और पीले श्रेणी के बच्चों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर 102 एंबुलेंस से पीएचसी अथवा सीएसची पर पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बीएसए और सीएमओ समन्वय स्थापित करके सभी परिषदीय स्कूलों में किशोरियों को दी जाने वाली गोलियां उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीएसओ अंजनी कुमार सिंह से किशोरियों को समय से अनाज उपलब्ध कराने को कहा। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी, डीसी मनरेगा संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन