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छुट्टा पशु चर जा रहे खड़ी फसल
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:23 AM IST
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हलिया। विकास खंड हलिया के बरौधा न्याय पंचायत के किसान छुट्टा पशुओं से परेशान हैं । पशु फसल चौपट कर रहे हैं । आलम यह है कि छुट्टा पशुओं की भरमार के चलते किसानों के सैकड़ों बीघा खेत में दलहन तथा तिलहन की बुआई नहीं हो पाई है। किसानों ने समस्या से निजात दिलाने की मांग की है ।
बरौधा न्याय पंचायत के कठार , बढरौधा, परसिया गोकुल, अमिरती , महराजगंज , पजरसिया राजा तथा मटिखना आदि गांवों में हजारों की संख्या में छुट्टा पशु हो गए हैं। उनकी वजह से दो वर्षों से इन गांवों के किसानों की फसल चौपट हो रही है । सौ- दो सौ की संख्या में अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे पशु एक साथ खेतों में खड़ी फसल पर धावा बोल देते हैं और फसल को बरबाद कर देते हैं। सबसे खराब हालत बरौधा ग्राम पंचायत की है। इन पशुओं के चलते इस गांव में करीब चार सौ बीघा खेत परती पड़े हुए हैं । कठार गांव के किसान विजयशंकर मिश्र, शशिदेव मिश्र ने बताया कि छुट्टा पशुओं के आतंक से गांव में खेती किसानी नहीं हो पा रही है । किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं के आतंक की वजह से फसल की पैदावार बहुत कम हो रही है । ऐसे में मात्र खेती किसानी पर निर्भर लोगों की दशा अत्यंत दयनीय होती जा रही है । परसिया गोकुल निवासी राजेश मिश्र, नागेश्वर पांडेय आदि किसानों का कहना है कि दो वर्ष से गांव के किसानों द्वारा अक्सर रतजगा कर रखवाली करने के बावजूद खेत की फसल पशुओं से बच नहीं पा रही है ।
बरौधा न्याय पंचायत के कठार , बढरौधा, परसिया गोकुल, अमिरती , महराजगंज , पजरसिया राजा तथा मटिखना आदि गांवों में हजारों की संख्या में छुट्टा पशु हो गए हैं। उनकी वजह से दो वर्षों से इन गांवों के किसानों की फसल चौपट हो रही है । सौ- दो सौ की संख्या में अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे पशु एक साथ खेतों में खड़ी फसल पर धावा बोल देते हैं और फसल को बरबाद कर देते हैं। सबसे खराब हालत बरौधा ग्राम पंचायत की है। इन पशुओं के चलते इस गांव में करीब चार सौ बीघा खेत परती पड़े हुए हैं । कठार गांव के किसान विजयशंकर मिश्र, शशिदेव मिश्र ने बताया कि छुट्टा पशुओं के आतंक से गांव में खेती किसानी नहीं हो पा रही है । किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं के आतंक की वजह से फसल की पैदावार बहुत कम हो रही है । ऐसे में मात्र खेती किसानी पर निर्भर लोगों की दशा अत्यंत दयनीय होती जा रही है । परसिया गोकुल निवासी राजेश मिश्र, नागेश्वर पांडेय आदि किसानों का कहना है कि दो वर्ष से गांव के किसानों द्वारा अक्सर रतजगा कर रखवाली करने के बावजूद खेत की फसल पशुओं से बच नहीं पा रही है ।
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