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नर सेवा ही नारयण सेवा है: नरेंद्रानंद सरस्वती
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:13 AM IST
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मिर्जापुुर। नगर के भरूहना स्थित एक लॉन में शुक्रवार को कंबल वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। अच्छे कर्म का फल अच्छा व बुरे कर्म का परिणाम भी बुरा होगा।
उन्होंने कहा कि कुत्ता घास नहीं खाता लेकिन वह गाय को घास खाने भी नही देता है।
समाज में दूषित मानसिकता के के कारण ही समाज व देश विरोधी ताकतें सिर उठा रही हैं। कहा कि सेना पर पत्थर बाजी करने वालों पर से मुकदमे उठाए जा सकते हैं, लेकिन देश में 77 सौ किसानों पर लादे गए मुकदमों को राजनैतिक दल कोई पहल नहीं कर रहे हैं। रमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि निष्काम भाव से किए गए कार्यों को कोई ताकत नहीं रोक सकती है। डा. गणेश अवस्थी ने प्रस्तावित विवाह योजना पर प्रकाश डाला। डा. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा का फल कभी निष्फल नहीं होता है। कार्यक्रम संयोजक सूर्यकांत नाथ तिवारी ने कहा कि सेवा का अवसर बड़े भाग्य से मिलता है। कार्यक्रम का स्वस्तिवाचन नितिन अवस्थी व संदीप दूबे ने किया। संचालन विष्णु नारायण मालवीय व अतिथियों का स्वागत राजपति ओझा ने किया। इस दौरान माता प्रसाद दूबे, चुनमुन श़ुक्ला, लक्ष्मीकांत पांडेय, तारकेश्वर पांडेय, गोवर्धन त्रिपाठी, हेमंत त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि कुत्ता घास नहीं खाता लेकिन वह गाय को घास खाने भी नही देता है।
समाज में दूषित मानसिकता के के कारण ही समाज व देश विरोधी ताकतें सिर उठा रही हैं। कहा कि सेना पर पत्थर बाजी करने वालों पर से मुकदमे उठाए जा सकते हैं, लेकिन देश में 77 सौ किसानों पर लादे गए मुकदमों को राजनैतिक दल कोई पहल नहीं कर रहे हैं। रमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि निष्काम भाव से किए गए कार्यों को कोई ताकत नहीं रोक सकती है। डा. गणेश अवस्थी ने प्रस्तावित विवाह योजना पर प्रकाश डाला। डा. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा का फल कभी निष्फल नहीं होता है। कार्यक्रम संयोजक सूर्यकांत नाथ तिवारी ने कहा कि सेवा का अवसर बड़े भाग्य से मिलता है। कार्यक्रम का स्वस्तिवाचन नितिन अवस्थी व संदीप दूबे ने किया। संचालन विष्णु नारायण मालवीय व अतिथियों का स्वागत राजपति ओझा ने किया। इस दौरान माता प्रसाद दूबे, चुनमुन श़ुक्ला, लक्ष्मीकांत पांडेय, तारकेश्वर पांडेय, गोवर्धन त्रिपाठी, हेमंत त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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