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22 करोड़ हर महीने बिजली खर्च

Fri, 08 Dec 2017 11:57 PM IST
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:57 PM IST
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22 करोड़ हर महीने बिजली खर्च
जिले के लोगों पर हर महीने 22 करोड़ रुपये की बिजली खर्च हो रही है, जबकि वसूली केवल 17 करोड़ रुपये ही हो पाती है। इससे विभाग पर प्रतिमाह पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। जो धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा समय से बिजली के बिल का भुगतान न करने से यह दिक्कत आई है। उधर अधिकारी लगातार चेकिंग अभियान चला रहे हैं फिर भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। बिजली चोरी भी एक बड़ी बाधा है। जबकि इसके लिए विभाग बड़े बड़े दावे करते नहीं चूकता है।
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जिले में बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत एक वर्ष में लगभग तीन सौ लोगों पर चोरी से बिजली जलाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। जबकि उनसे तीस लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। हालांकि चोरी हो रही बिजली की तुलना में यह कार्रवाई बहुत कम है।
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जिले में प्रतिमाह 10 करोड़ छह लाख यूनिट बिजली खर्च हो रही है। जिसे बिजली विभाग के अनुसार 15 मिलियन है। खर्च हो रही बिजली की कीमत लगभग 22 करोड़ रुपये है। इसमें नगर में ही केवल 12 करोड़ रुपये की प्रतिमाह बिजली की खपत है। जबकि ग्रामीण इलाकों में मात्र दस करोड़ रुपये की बिजली जलाई जाती है। लेकिन जहां तक वसूली की बात है तो दिन रात मेहनत करने के बावजूद विभाग खर्च हो रही बिजली के करीब पैसा वसूल नहीं हो पाता है। अधिकारी रविवार, सोमवार सभी दिन अभियान चलाते हैं। फिर भी वसूली मात्र 16 से 17 करोड़ रुपये की हो पाती है। इससे पांच करोड़ रुपये हर महीने बिजली विभाग पर कर्ज का बोझ बढ़ जा रहा है। इसका मुख्य कारण लोगों द्वारा समय से बिजली का बिल जमा नहीं करना है। क्योंकि बिजली विभाग पूरे महीने अभियान चलाने के बावजूद लोगों के घर घर तक चेकिंग करने नहीं पहुंच पाता। जिसका नतीजा है कि सभी उपभोक्ता बिल जमा नहीं करते हैं। इससे विभाग पर पांच करोड़ रुपये का बोझ बढ़ता जाता है।
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इनसेट
बिजली चोरी है मुख्य कारण
पूरी तरह से बिजली का बिल वसूली न होने के पीछे विद्युत चोरी एक मुख्य कारण है। जिसके चलते विभाग को हर महीने पांच करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। हालांकि चेकिंग अभियान चला कर विद्युत चोरी करने वालों के विरुद्घ कार्रवाई की जाती है फिर भी लोग नहीं मानते हैं।

इनसेट
जिले में 22 करोड़ प्रतिमाह बिजली का खर्च है। जिसके सापेेक्ष 17 करोड़ रुपये की वसूली होती है। बकाया बिल भी वसूलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द सफलता मिलने की संभावना है।
एके सिंह
अधीक्षण अभियंता
विद्युत वितरण खंड
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