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Mirzapur News: 355 पंचायत सहायकों ने एक साल में एक भी ऑनलाइन सेवा नहीं दी
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-ग्रामीणों को एक छत के नीचे विभिन्न पंचायत सचिवालय पर सहज जनसेवा केंद्र से ग्रामीणों को दी जानी थीं सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ग्रामीणों को एक छत के नीचे विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं को उपलब्ध कराने में 355 ग्राम पंचायत फिसड्डी साबित हुई। साल 2025 26 में ऑनलाइन एक भी सेवा न देने पर जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ऐसी ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायकों को नोटिस जारी किया है। कहा कि पूरे साल एक भी सेवा न दिए जाने से स्पष्ट है कि पंचायत सचिवालय स्थापित सहज जनसेवा केंद्र पर कोई काम ही नहीं किया गया है।
गांवों में ही ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएं एक ही छत के नीचे दिए जाने के लिए पंचायत सचिवालयों पर सहज जनसेवा केंद्रों की स्थापना की गई है। इनके संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को सौंपी गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन सेवाएं देने में लापरवाही सामने आई है। डीपीआरओ ने समीक्षा में पाया कि कई ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक एक भी सेवा नहीं दे पाए हैं। पंचायत सहायकों को डिफॉल्टर श्रेणी में रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत सहायकों ने एक भी ऑनलाइन सेवा नहीं दी। इस पर डीपीआरओ ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि ऐसे पंचायत सचिवों के कार्यों का परीक्षण करते हुए सेवा समाप्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। साथ ही सभी को निर्देश दिया है कि तत्काल सेवाएं देना शुरू करें ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। डीपीआरओ ने बताया जिला मुख्यालय से सटे सिटी ब्लाक क्षेत्र के अहमलपुर, अमोई, अनंतरामपट्टी सहित 29 पंचायत, राजगढ़ में 51, मझवां में 24, हलिया में 46, पहाड़ी में 24, छानबे 47, कोन 21, जमालपुर में 38, नरायनपुर में 34, लालगंज में 16, पटेहरा में 15 और सीखड़ में 10 ग्राम पंचायत सहायकों की तरफ से एक भी सेवा नहीं दी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ग्रामीणों को एक छत के नीचे विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं को उपलब्ध कराने में 355 ग्राम पंचायत फिसड्डी साबित हुई। साल 2025 26 में ऑनलाइन एक भी सेवा न देने पर जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ऐसी ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायकों को नोटिस जारी किया है। कहा कि पूरे साल एक भी सेवा न दिए जाने से स्पष्ट है कि पंचायत सचिवालय स्थापित सहज जनसेवा केंद्र पर कोई काम ही नहीं किया गया है।
गांवों में ही ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएं एक ही छत के नीचे दिए जाने के लिए पंचायत सचिवालयों पर सहज जनसेवा केंद्रों की स्थापना की गई है। इनके संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को सौंपी गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन सेवाएं देने में लापरवाही सामने आई है। डीपीआरओ ने समीक्षा में पाया कि कई ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक एक भी सेवा नहीं दे पाए हैं। पंचायत सहायकों को डिफॉल्टर श्रेणी में रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत सहायकों ने एक भी ऑनलाइन सेवा नहीं दी। इस पर डीपीआरओ ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि ऐसे पंचायत सचिवों के कार्यों का परीक्षण करते हुए सेवा समाप्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। साथ ही सभी को निर्देश दिया है कि तत्काल सेवाएं देना शुरू करें ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। डीपीआरओ ने बताया जिला मुख्यालय से सटे सिटी ब्लाक क्षेत्र के अहमलपुर, अमोई, अनंतरामपट्टी सहित 29 पंचायत, राजगढ़ में 51, मझवां में 24, हलिया में 46, पहाड़ी में 24, छानबे 47, कोन 21, जमालपुर में 38, नरायनपुर में 34, लालगंज में 16, पटेहरा में 15 और सीखड़ में 10 ग्राम पंचायत सहायकों की तरफ से एक भी सेवा नहीं दी गई।
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