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श्री वामनवीर भगवान का दर्शन कर भक्त निहाल

Sat, 22 Sep 2018 01:45 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:45 AM IST
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श्री वामनवीर भगवान का दर्शन कर भक्त निहाल
विंध्याचल। वामन द्वादशी पर शुक्रवार को ओझला पुल के समीप स्थित मंदिर में भगवान वामनवीर का वार्षिक भव्य शृंगार किया गया। इस दौरान विधि विधान से भव्य पूजन के बाद आरती की गईव। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन के बाद मेले का आनंद उठाया।
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वामन द्वादशी पर प्रात:काल पुजारी हेमंत कुमार मिश्र उर्फ गुड्डू महाराज ने वैदिक मंत्रों के बीच भगवान का विधिवत पूजन किया। भगवान वामनवीर के दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। देर शाम तक दर्शन पूजन का सिलसिला चला। घंटा-घड़ियाल, शंख व जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा था। दर्शन-पूजन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद उठाया। महिलाओं ने गृहस्थी के सामान और बच्चों ने खिलौने खरीदे। मेले में लकड़ी से निर्मित काले घोड़े सभी के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं गुड़ की जलेबी, फास्ट फूड, फल, मिठाई आदि दुकानों पर ग्राहक डटे रहे। दोपहर में रिमझिम फुहारों में भीगते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुुंचे, जहां श्री वामनवीर के भव्य स्वरूप का दर्शन कर निहाल हो उठे। वामनवीर के मेले में मध्य प्रदेश सहित पूरे पूर्वांचल के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आए भक्तों ने विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पुजारी हेमंत मिश्रा ने बताया कि भगवान वामन अवतार में लघुता में विराटता का भाव समाहित है। मेले में काला घोड़े की खरीदने की परंपरा वार्षिक मेले में काफी पुरानी है।
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अहरौरा। वामन द्वादशी पर शुक्रवार को अहरौरा जलाशय पर स्थित मंदिर में भगवान का वामन का दिवस श्रद्धाभाव से मनाया गया। प्रसिद्ध मेले में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से आए भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर में दर्शन पूजन का क्रम भोर से ही शुरू हो गया था, जो अनवरत चलता रहा। वामनवीर जी का तरह तरह के पुष्पों से किया गया भव्य शृंगार का दर्शन कर श्रद्घालु निहाल हो उठे। दर्शन-पूजन करने के बाद भक्तों ने मेले में भ्रमण कर अपने जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी की। पुजारी राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने बताया विष्णु अवतार भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी। असुरों के गुरु शुक्राचार्य ने इसके लिए मना किया था लेकिन राजा बलि भले ही असुरों के राजा थे लेकिन उनमें भक्ति भाव था। बौने रुप में भगवान वामन ने अपना स्वरूप बढ़ाकर पहले पग में पूरी धरती दूसरे में आकाश नापने के बाद तीसरा पग उनके सिर पर रखा और उन्हें पाताल लोक जाने का आदेश दिया। सत्यानगंज में स्थित राधा कृष्ण स्थल समिति मंदिर में भगवान वामनवीर का जन्मोत्सव मनाया गया। बड़ी संख्या महिला-पुरूष मंदिर में पहुंच कर भगवान के के दर्शन किए। पुजारी द्वारा विशेष श्रृंगार व पूजन एवं भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
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