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संस्कृत में मधुर कजली गायन कर किया मंत्रमुग्ध
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:44 AM IST
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मिर्जापुर। विश्व संस्कृत प्रतिष्ठानम् रामनगर दुर्ग वाराणसी की ओर से नगर के बाजीराव कटरा स्थित राही लाज में कज्जालिका गीत सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उ.प्र. संस्कृत संस्थान के उपाध्यक्ष श्यामलेश व राजकुमारी कृष्ण प्रिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। प्रतिष्ठानम् की अध्यक्ष राजकुमारी कृष्ण प्रिया ने सभी कलाकारों व अतिथियों का स्वागत अंवस्त्रम् भेंटकर किया। सम्मेलन में कलाकारों ने अपने मधुर कजली गीतों से सबका मन मोह लिया।
कज्जालिका गीत सम्मेलन का भव्य शुभारंभ पं. रामलाल त्रिपाठी ने वैदिक मंगलाचरण करके किया। नगर के आर्यकन्या इंटर कालेज की छात्रा रूपसी दूबे व नैंसी दूबे ने मां विंध्यवासिनी देवी की वंदना प्रस्तुत किया। इंद्रजीत शुक्ल ने अपनी कजली में वर्षा ऋतु का मनोहारी वर्णन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मनीष त्रिपाठी व सौम्या त्रिपाठी ने अपने संस्कृत कजली गायन से सावनी बयार बहाई। इसी क्रम में नारायण उपाध्याय, शिव प्रसाद द्विवेेदी, शैलेष यादव, सुरेश मौर्य, विमला विश्वकर्मा, चंपा देवी, राम मिलन, क्षमा पांडेय, देवहुति पांडेय, वैष्णवी सोनी, अवधेश पांडेय आदि कलाकारों ने अपने कजली गायन से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भागीरथी ट्रस्ट संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य ब्रम्हानंद शुक्ल ने तथा संचालन प्रतिष्ठानम् के महामंत्री डा. त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल ने किया। इस दौरान कृपाशंकर मिश्र, लल्लू तिवारी, नागेश पांडेय, नरेश वर्मा, अरूण नारायण पांडेय, अश्वनी त्रिपाठी, गोवर्धन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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कज्जालिका गीत सम्मेलन का भव्य शुभारंभ पं. रामलाल त्रिपाठी ने वैदिक मंगलाचरण करके किया। नगर के आर्यकन्या इंटर कालेज की छात्रा रूपसी दूबे व नैंसी दूबे ने मां विंध्यवासिनी देवी की वंदना प्रस्तुत किया। इंद्रजीत शुक्ल ने अपनी कजली में वर्षा ऋतु का मनोहारी वर्णन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मनीष त्रिपाठी व सौम्या त्रिपाठी ने अपने संस्कृत कजली गायन से सावनी बयार बहाई। इसी क्रम में नारायण उपाध्याय, शिव प्रसाद द्विवेेदी, शैलेष यादव, सुरेश मौर्य, विमला विश्वकर्मा, चंपा देवी, राम मिलन, क्षमा पांडेय, देवहुति पांडेय, वैष्णवी सोनी, अवधेश पांडेय आदि कलाकारों ने अपने कजली गायन से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भागीरथी ट्रस्ट संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य ब्रम्हानंद शुक्ल ने तथा संचालन प्रतिष्ठानम् के महामंत्री डा. त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल ने किया। इस दौरान कृपाशंकर मिश्र, लल्लू तिवारी, नागेश पांडेय, नरेश वर्मा, अरूण नारायण पांडेय, अश्वनी त्रिपाठी, गोवर्धन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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