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कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने किया सर्वेक्षण
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:37 AM IST
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मिर्जापुर। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने पहाड़ी विकास खंड के दांती एवं गौरा राजा ग्रामों में जलवायु परिवर्तन से फसलों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया। इस मौके पर हुई किसान गोष्ठी में जलवायु परिवर्तन से फसलों को हो रहे नुकसान के बारे में बताया और तालाब बंधियां को बनाकर जल संरक्षण करने की विधि सिखाई
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसडी सिंह, डॉ. मनोज खन्ना, डॉ. डीके सिंह एवं कृषि विज्ञान संस्थान के मृदा रसायन विभाग के प्रो. एसके सिंह एवं केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने सर्वेक्षण किया। जनपद के मृदा एवं जल संरक्षण विभाग से सहयोग लेकर छोटी-छोटी बंधियों का निर्माण कर सूखे की स्थिति में भी सिंचाई की व्यवस्था की जा सकती है। गौरा राजा ग्राम में प्रगतिशील किसान ज्ञानप्रकाश सिंह व दांती ग्राम में कांता बिंद, सीताराम सिंह ने वैज्ञानिकों को समस्याओं के बारे में बताया। दल के सदस्यों ने नौगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मृदा एवं जल संरक्षण की दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। बताया कि सल्फर, पोटाश एवं बोरान का प्रयोग कर सूखे में भी फसलों का बचाया जा सकता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसडी सिंह, डॉ. मनोज खन्ना, डॉ. डीके सिंह एवं कृषि विज्ञान संस्थान के मृदा रसायन विभाग के प्रो. एसके सिंह एवं केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने सर्वेक्षण किया। जनपद के मृदा एवं जल संरक्षण विभाग से सहयोग लेकर छोटी-छोटी बंधियों का निर्माण कर सूखे की स्थिति में भी सिंचाई की व्यवस्था की जा सकती है। गौरा राजा ग्राम में प्रगतिशील किसान ज्ञानप्रकाश सिंह व दांती ग्राम में कांता बिंद, सीताराम सिंह ने वैज्ञानिकों को समस्याओं के बारे में बताया। दल के सदस्यों ने नौगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मृदा एवं जल संरक्षण की दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। बताया कि सल्फर, पोटाश एवं बोरान का प्रयोग कर सूखे में भी फसलों का बचाया जा सकता है।
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