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योगाभ्यास से बंदियों में तनाव हुआ कम
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:23 AM IST
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जेल में योगाभ्यास करतीं महिला बंदी
मिर्जापुर। योग शिविर में प्रशिक्षण लेकर लगातार योगाभ्यास करने से बंदियों में तनाव कम हुआ है। जो महिला बंदी तनाव के कारण पहले नींद की गोली खाकर सोती थी थे उन्हें अब योगाभ्यास से आराम से नींद आ रही है। ये बातें जिला कारागार में 29 जुलाई से चल रहे योग शिविर के समापन समारोह में रविवार को प्रशिक्षक रजनी गुप्ता ने कहीं।
आर्ट आफ लिविंग के तत्वावधान में 29 जुलाई से पांच अगस्त तक जेल में बंदियों का स्वास्थ्य सुधारने एवं उनके तनाव को कम करने के लिए योग शिविर का आयोजन किया गया था। प्रशिक्षक रजनी गुप्ता ने कहा कि महिला बंदियों का हृदय परिवर्तन कराकर योग, प्राणायाम एवं ध्यान के जरिये जीवन जीने की कला सिखाई गई। इससे बंदियों में सकारात्मक सुधार हुआ है। इसके माध्यम से उनको पढ़ाई, सिलाई, कढ़ाई आदि का कोर्स कराया जा रहा है ताकि उनका मन अच्छे कामों में लग जाए। कहा कि सुदर्शन क्रिया करने से महिलाओं का तनाव काफी कम हुआ है। इससे क्रोध कम आता है। इसके अलावा प्राणायाम समेत अन्य योग की क्रिया सिखाई गई है। बंदी ममता और सुषमा ने बताया कि उनका योग से तनाव कम हो गया है। इस दौरान जेल अधीक्षक अनिल राय, सुरेश मिश्र, डिप्टी जेल आनंद जायसवाल, विजय सिंह, श्रीकांत, पुष्पा तिवारी, रेखा पांडेय, मंगला, गीता श्रीवास्तव मौजूद रहे।
आर्ट आफ लिविंग की ओर से जिला कारागार में पौधरोपण किया गया। जेल कर्मचारी और बंदियों ने पौधे रोपे।
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आर्ट आफ लिविंग के तत्वावधान में 29 जुलाई से पांच अगस्त तक जेल में बंदियों का स्वास्थ्य सुधारने एवं उनके तनाव को कम करने के लिए योग शिविर का आयोजन किया गया था। प्रशिक्षक रजनी गुप्ता ने कहा कि महिला बंदियों का हृदय परिवर्तन कराकर योग, प्राणायाम एवं ध्यान के जरिये जीवन जीने की कला सिखाई गई। इससे बंदियों में सकारात्मक सुधार हुआ है। इसके माध्यम से उनको पढ़ाई, सिलाई, कढ़ाई आदि का कोर्स कराया जा रहा है ताकि उनका मन अच्छे कामों में लग जाए। कहा कि सुदर्शन क्रिया करने से महिलाओं का तनाव काफी कम हुआ है। इससे क्रोध कम आता है। इसके अलावा प्राणायाम समेत अन्य योग की क्रिया सिखाई गई है। बंदी ममता और सुषमा ने बताया कि उनका योग से तनाव कम हो गया है। इस दौरान जेल अधीक्षक अनिल राय, सुरेश मिश्र, डिप्टी जेल आनंद जायसवाल, विजय सिंह, श्रीकांत, पुष्पा तिवारी, रेखा पांडेय, मंगला, गीता श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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आर्ट आफ लिविंग की ओर से जिला कारागार में पौधरोपण किया गया। जेल कर्मचारी और बंदियों ने पौधे रोपे।