{"_id":"5b50d0634f1c1b27618b5b10","slug":"21532022883-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवा संबंधी मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा संबंधी मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। राज्य कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर गुरुवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में प्रदर्शन किया गया। गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंच मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंप समस्याओं से निजात दिलाए जाने की मांग की गई।
अध्यक्षता करते राजेन्द्र प्रसाद उर्फ लल्लू तिवारी ने प्रदेश के विकास, व्यवस्था, परिचालन तथा संयोजन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले राज्य कर्मचारियों की तरफ न तो स्थानीय प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और न ही शासन ही कोई रुचि ले रहा है। उन्होने कहा कि सरकार गठन व कामकाज संभाले जाने के भरपुर समय दिए जाने के बावजूद सरकार द्वारा कर्मचारियों की समस्याओ की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि उल्टे कर्मचारियों को ही प्रात: नौ बजे कार्यालयी समय 50 वर्षो में बिना औपचारिकताओं की पूर्ति किए जबरन सेवा निवृत करने, वार्षिक प्रविष्टि में अति उत्तम को बाध्यकारी बनाने सहित नित नए गैर जरुरी आदेशों के निर्गत किए जाने से शोषण की घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले से ही पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्र के समान मकान किराया सहित अन्य भत्तो में वृद्घि करने, फील्ड कर्मचारियों सहित समस्त संबन्धित को मोटर साईकिल भत्ता प्रदान करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, पूर्व में की गई सेवाओं केे जोड़कर सेवा का लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर विगत छह माह से आंदोलित हैं। कहा कि यदि सकारात्मक कार्रवाइ न की गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विज्ञापन
अध्यक्षता करते राजेन्द्र प्रसाद उर्फ लल्लू तिवारी ने प्रदेश के विकास, व्यवस्था, परिचालन तथा संयोजन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले राज्य कर्मचारियों की तरफ न तो स्थानीय प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और न ही शासन ही कोई रुचि ले रहा है। उन्होने कहा कि सरकार गठन व कामकाज संभाले जाने के भरपुर समय दिए जाने के बावजूद सरकार द्वारा कर्मचारियों की समस्याओ की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि उल्टे कर्मचारियों को ही प्रात: नौ बजे कार्यालयी समय 50 वर्षो में बिना औपचारिकताओं की पूर्ति किए जबरन सेवा निवृत करने, वार्षिक प्रविष्टि में अति उत्तम को बाध्यकारी बनाने सहित नित नए गैर जरुरी आदेशों के निर्गत किए जाने से शोषण की घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले से ही पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्र के समान मकान किराया सहित अन्य भत्तो में वृद्घि करने, फील्ड कर्मचारियों सहित समस्त संबन्धित को मोटर साईकिल भत्ता प्रदान करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, पूर्व में की गई सेवाओं केे जोड़कर सेवा का लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर विगत छह माह से आंदोलित हैं। कहा कि यदि सकारात्मक कार्रवाइ न की गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विज्ञापन