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प्रधानमंत्री आवास का धन लेकर 59 लाभार्थी गायब
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:53 AM IST
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मिर्जापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का धन लेकर 59 लाभार्थी गायब हो गए हैं। साथ ही 740 लाभार्थियों ने अभी तक आवास पूरा नहीं कराया है। ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने गायब 59 लाभार्थियों से धन वसूली का निर्देश संबंधित सेक्रेट्री को दिया है। लाभार्थी से आवास का धन नहीं मिलने पर सेक्रेट्री से वसूली करने की चेतावनी दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। बावजूद इसके अभी भी जिले में 740 आवास अधूरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 23 हजार 300 लाभार्थियों का चयन किया गया था, जिसके सापेक्ष 22 हजार 560 लाभार्थियों को आवास बनवाया गया है, बावजूद इसके अभी भी 740 आवास अधूरे पड़े है। जिसके कारण गरीब और निराश्रितों को अपना आवास नही मिल पा रहा है। वहीं 59 लाभार्थियों द्वारा धन निकालने के बाद भी आवास नहीं बनवाया जा रहा है, जिनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिया है। इसी प्रकार 10 वाद सिविल कोर्ट और 94 वाद एसडीएम कोर्ट में लंबित होने के कारण निर्माण कार्य शुरु नही हो पा रहा है। वहीं 45 आवास वन भूमि की जमीन पर होने के कारण नही बन पा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने दूसरी जगह चयन करने अथवा आवास की धनराशि शासन को वापस करने का निर्देश दिया है। परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 59 लाभार्थियों द्वारा धन निकालने के बाद आवास नहीं बनवाया गया है, जिनसे धन वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है।
जनपद में लगभग 740 आवास विभिन्न कारणों से अधूरे पड़े हैं। इन आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों को दिया गया है। साथ ही बजट जारी करने के बाद भी आवास नहीं बनवाने वाले लाभार्थियों पर कार्रवाई शुरु कर दी गई है। - प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी।
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कुल आवास - 23300
पूर्ण आवास - 22560
अपूर्ण आवास - 740
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। बावजूद इसके अभी भी जिले में 740 आवास अधूरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 23 हजार 300 लाभार्थियों का चयन किया गया था, जिसके सापेक्ष 22 हजार 560 लाभार्थियों को आवास बनवाया गया है, बावजूद इसके अभी भी 740 आवास अधूरे पड़े है। जिसके कारण गरीब और निराश्रितों को अपना आवास नही मिल पा रहा है। वहीं 59 लाभार्थियों द्वारा धन निकालने के बाद भी आवास नहीं बनवाया जा रहा है, जिनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिया है। इसी प्रकार 10 वाद सिविल कोर्ट और 94 वाद एसडीएम कोर्ट में लंबित होने के कारण निर्माण कार्य शुरु नही हो पा रहा है। वहीं 45 आवास वन भूमि की जमीन पर होने के कारण नही बन पा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने दूसरी जगह चयन करने अथवा आवास की धनराशि शासन को वापस करने का निर्देश दिया है। परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 59 लाभार्थियों द्वारा धन निकालने के बाद आवास नहीं बनवाया गया है, जिनसे धन वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है।
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जनपद में लगभग 740 आवास विभिन्न कारणों से अधूरे पड़े हैं। इन आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों को दिया गया है। साथ ही बजट जारी करने के बाद भी आवास नहीं बनवाने वाले लाभार्थियों पर कार्रवाई शुरु कर दी गई है। - प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी।
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कुल आवास - 23300
पूर्ण आवास - 22560
अपूर्ण आवास - 740