{"_id":"5b48f39a4f1c1b466d8b474a","slug":"21531507610-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम के लोकापर्ण से पहले ही सपाईयों ने चुनार पुल का फीता काटकर किया उददघाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम के लोकापर्ण से पहले ही सपाईयों ने चुनार पुल का फीता काटकर किया उददघाटन
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। चुनार पक्का पुल का लोकार्पण प्रधानमंत्री के हाथों होने से पहले ही सपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की सुबह आठ बजे फीता काटकर उद्घाटन कर दिया। इससे सरकारी महकमा सकते में आ गया। खबर लगते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाइक जुलूस निकालकर इसका विरोध किया और नगर मजिस्ट्रेट से कार्रवाई करने की मांग की।
15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनपद आने वाले हैं। उनके हाथों चुनार पक्का पुल का उद्घाटन होना है। इसी बीच, शुक्रवार की सुबह समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष यादव, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र पटेल, चुनार के सपा के पूर्व विधायक जगतंबा पटेल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता चुनार पक्का पुल पर पहुंच गए। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने पुल का उद्घाटन कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि 35 किलोमीटर से सपा कार्यकर्ता चुनार पहुंच गए और जिला प्रशासन तथा पुलिस को भनक तक नहीं लगी। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादन ने वर्ष 2007 में चुनार एवं भटौली में गंगा पर पक्के पुल की आधारशिला रखी थी। चुनाव पुल का नाम चुनार के पूर्व विधायक राजनारायण सिंह के नाम पर रखा था। इस बीच बसपा और सपा की सरकारें आई और गई लेकिन पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका। योगी सरकार ने कार्यों को पूरा कराकर उसका उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी की है। यह बात सपाजनों को खटक रही थी कि आधारशिला मुलायम सिंह ने रखी और अधिकतम काम भी उनकी सरकार में हुआ। लेकिन बचा काम कराकर भाजपा इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
13 फरवरी 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने चुनार और भटौली पुल की आधारशिला रखी थी। इसके बाद बसपा सरकार आ गई। उसने पुल का निर्माण रोक दिया था। 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनी। उन्होंने 2016-17 में पुल निर्माण का सारा धन रिलीज कर दिया था। पुल बनकर तैयार होने वाला था, इसी बीच केंद्र सरकार ने गंगा परिवहन के लिए उसका डिजाइन बदलने के लिए निर्माण रोकवा दिया। इससे पुल निर्माण अधर में लटक गया। बीजेपी सपा सरकार द्वारा बनाए गए पुल का लोकार्पण कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। इसे जनता को बताना जरूरी था। - जगदंबा सिंह पटेल चुनार के पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी।
विज्ञापन
आजादी के साठ साल में किसी भी सरकार ने मिर्जापुर की जनता के दुख दर्द को नहीं समझा। चुनार एवं भटौली में गंगा पर पुल न होने से जिले का विकास अवरुद्ध था। शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं से लोग वंचित थे। लंबी दूरी तय करके लोगों को बनारस जाना पड़ता था। नेता जी ने इस दर्द हो समझा और पुल निर्माण की आधारशिला रखी। भाजपा सस्ती लोकप्रियता के लिए प्रधानमंत्री के हाथों पुल का लोकार्पण कराना चाहती है। यह जनता को स्वीकार नहीं है। - सुरेंद्र सिंह पटेल, पूर्व चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर-सोनभद्र।
बाणसागर परियोजना बिहार तक जानी है लेकिन अभी पूरी तरह मिर्जापुर तक नहीं पहुंच पाई है। फिर कहां यह परियोजना पूर्ण हो गई और किस बात का प्रधानमंत्री उद्घाटन करने आ रहे हैं। अगर परियोजना पूरी हो जाती तो उद्घाटन करते तो अच्छा रहता। भाजपा केवल दूसरे के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करा रही है। चुनार पुल को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने बनवाने का निर्णय लिया था। इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। अबतक भाजपा ने जितने कार्य का शिलान्यास किया है, उसमें से एक भी परियोजना पूर्ण हुई तो बता दे।
- कैलाश चौरसिया, पूर्व राज्यमंत्री
विज्ञापन
15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनपद आने वाले हैं। उनके हाथों चुनार पक्का पुल का उद्घाटन होना है। इसी बीच, शुक्रवार की सुबह समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष यादव, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र पटेल, चुनार के सपा के पूर्व विधायक जगतंबा पटेल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता चुनार पक्का पुल पर पहुंच गए। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने पुल का उद्घाटन कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि 35 किलोमीटर से सपा कार्यकर्ता चुनार पहुंच गए और जिला प्रशासन तथा पुलिस को भनक तक नहीं लगी। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादन ने वर्ष 2007 में चुनार एवं भटौली में गंगा पर पक्के पुल की आधारशिला रखी थी। चुनाव पुल का नाम चुनार के पूर्व विधायक राजनारायण सिंह के नाम पर रखा था। इस बीच बसपा और सपा की सरकारें आई और गई लेकिन पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका। योगी सरकार ने कार्यों को पूरा कराकर उसका उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी की है। यह बात सपाजनों को खटक रही थी कि आधारशिला मुलायम सिंह ने रखी और अधिकतम काम भी उनकी सरकार में हुआ। लेकिन बचा काम कराकर भाजपा इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
विज्ञापन
13 फरवरी 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने चुनार और भटौली पुल की आधारशिला रखी थी। इसके बाद बसपा सरकार आ गई। उसने पुल का निर्माण रोक दिया था। 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनी। उन्होंने 2016-17 में पुल निर्माण का सारा धन रिलीज कर दिया था। पुल बनकर तैयार होने वाला था, इसी बीच केंद्र सरकार ने गंगा परिवहन के लिए उसका डिजाइन बदलने के लिए निर्माण रोकवा दिया। इससे पुल निर्माण अधर में लटक गया। बीजेपी सपा सरकार द्वारा बनाए गए पुल का लोकार्पण कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। इसे जनता को बताना जरूरी था। - जगदंबा सिंह पटेल चुनार के पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी।
विज्ञापन
आजादी के साठ साल में किसी भी सरकार ने मिर्जापुर की जनता के दुख दर्द को नहीं समझा। चुनार एवं भटौली में गंगा पर पुल न होने से जिले का विकास अवरुद्ध था। शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं से लोग वंचित थे। लंबी दूरी तय करके लोगों को बनारस जाना पड़ता था। नेता जी ने इस दर्द हो समझा और पुल निर्माण की आधारशिला रखी। भाजपा सस्ती लोकप्रियता के लिए प्रधानमंत्री के हाथों पुल का लोकार्पण कराना चाहती है। यह जनता को स्वीकार नहीं है। - सुरेंद्र सिंह पटेल, पूर्व चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर-सोनभद्र।
बाणसागर परियोजना बिहार तक जानी है लेकिन अभी पूरी तरह मिर्जापुर तक नहीं पहुंच पाई है। फिर कहां यह परियोजना पूर्ण हो गई और किस बात का प्रधानमंत्री उद्घाटन करने आ रहे हैं। अगर परियोजना पूरी हो जाती तो उद्घाटन करते तो अच्छा रहता। भाजपा केवल दूसरे के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करा रही है। चुनार पुल को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने बनवाने का निर्णय लिया था। इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। अबतक भाजपा ने जितने कार्य का शिलान्यास किया है, उसमें से एक भी परियोजना पूर्ण हुई तो बता दे।
- कैलाश चौरसिया, पूर्व राज्यमंत्री