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खुले में शौच बीमारियों का कारण
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:56 AM IST
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ड्रमंडगंज। खुले में शौच से हमारे आसपास का वातावरण जहां प्रभावित होता है, वहीं बीमारियों का कारण बनता है। ये बातें बुधवार को उपजिलाधिकारी लालगंज अरविंद चौहान ने ओडीएफ के लिए चलाए गए अभियान के तहत हलिया पंचायत भवन पर आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीणों से कहीं। सुबह पहुंचे एसडीएम ने हाथ में लोटा व डिब्बा लेकर शौच के लिए खेत की तरफ जा रहे ग्रामीणों को रोका।
चौपाल में एसडीएम ने कहा कि गांव व बस्तियों के आसपास शौच से उस पर बैठने वाली मक्खियां हमारे खाने व पीने के सामानों पर बैठ दूषित कर देती हैं। इसके सेवन के बाद हम तमाम बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ऐसी बीमारियों पर हम केवल शौचालयों के माध्यम से ही अंकुश लगा सकते हैं। उन्होंने लोगों को सुझाया कि कभी भी खुले में शौच न करें, हमेशा शौचालयों का ही प्रयोग करें। ग्राम प्रधान अमरावती देवी ने बताया कि ग्राम पंचायत में कुल 382 शौचालय आवंटित हैं। सभी का निर्माण पूरा करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि गांव में कमजोर वर्गों की संख्या के अनुरूप शौचालयों का आवंटन नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान ने कहा कि यदि गांव को कम से कम एक हजार शौचालय मिले तो गांव को पूरी तरह से खुुले में शौच से मुक्त किया जा सकता है। शिवबाबू व भीमदत्त ने बताया कि कई शौचालय अभी तक अपूर्ण हैं जिससे ग्रामीण खुले में शौच के लिए जाने को विवश हैं।
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चौपाल में एसडीएम ने कहा कि गांव व बस्तियों के आसपास शौच से उस पर बैठने वाली मक्खियां हमारे खाने व पीने के सामानों पर बैठ दूषित कर देती हैं। इसके सेवन के बाद हम तमाम बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ऐसी बीमारियों पर हम केवल शौचालयों के माध्यम से ही अंकुश लगा सकते हैं। उन्होंने लोगों को सुझाया कि कभी भी खुले में शौच न करें, हमेशा शौचालयों का ही प्रयोग करें। ग्राम प्रधान अमरावती देवी ने बताया कि ग्राम पंचायत में कुल 382 शौचालय आवंटित हैं। सभी का निर्माण पूरा करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि गांव में कमजोर वर्गों की संख्या के अनुरूप शौचालयों का आवंटन नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान ने कहा कि यदि गांव को कम से कम एक हजार शौचालय मिले तो गांव को पूरी तरह से खुुले में शौच से मुक्त किया जा सकता है। शिवबाबू व भीमदत्त ने बताया कि कई शौचालय अभी तक अपूर्ण हैं जिससे ग्रामीण खुले में शौच के लिए जाने को विवश हैं।
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