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गिरधारी रे काहे को बोले बनवारी...
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:16 AM IST
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मिर्जापुर। श्रीराम जानकारी मंदिर में पंाच दिवसीय संगीत समारोह चल रहा है, समारोह के तीसरे दिन कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुति पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का शुभारंभ राम सागर ने भजन से किया। त्रिभुवन नाथ उपाध्याय ने ‘गिरधारी रे काहे को बोले बनवारी’, राजेश गुप्ता ने ‘जय रघुनंदन जय सियाराम’, नकुल तिवारी ने ‘कब आओगे बनवारी’ सुना कर लोगों को आनंदित किया।
धरम ने ‘हे शंभू बाबा तेरे गुणगान’ तथा संदीप ने सगरी जगत का ‘एक रखवाला’ सुना कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। रस परिवर्तन के रूप में मिश्रीलाल ने कजरी ‘राजह भोर भये घर आए, रतिया कहा बिताए ना’, कल्पना गुप्ता ने राम भजन कर मनवा तथा कजरी की मनोहारी प्रस्तुति की। रामकृष्ण पांडेय ने नही चाहिए दिल दुखाना किसी का सदा ना रहा है सदा ना रहेगा जमाना किसी का, सुनाकर कार्यक्रम को मंजिल तक पहुंचाया। गायक कलाकारों के साथ हारमोनियम पर नकुल तिवारी, त्रिभुवन, बैकुंठ, शांति और मिंटू दूबे रहे। वहीं तबले पर झब्बू लाल और बृजेश गुप्ता रहे। कार्यक्रम का संचालन अतुल चड्ढा और आभा आनंद प्रकाश ने किया।
धरम ने ‘हे शंभू बाबा तेरे गुणगान’ तथा संदीप ने सगरी जगत का ‘एक रखवाला’ सुना कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। रस परिवर्तन के रूप में मिश्रीलाल ने कजरी ‘राजह भोर भये घर आए, रतिया कहा बिताए ना’, कल्पना गुप्ता ने राम भजन कर मनवा तथा कजरी की मनोहारी प्रस्तुति की। रामकृष्ण पांडेय ने नही चाहिए दिल दुखाना किसी का सदा ना रहा है सदा ना रहेगा जमाना किसी का, सुनाकर कार्यक्रम को मंजिल तक पहुंचाया। गायक कलाकारों के साथ हारमोनियम पर नकुल तिवारी, त्रिभुवन, बैकुंठ, शांति और मिंटू दूबे रहे। वहीं तबले पर झब्बू लाल और बृजेश गुप्ता रहे। कार्यक्रम का संचालन अतुल चड्ढा और आभा आनंद प्रकाश ने किया।
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