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कमियां निकाल कर क्रय केंद्रों से लौटाये जा रहे किसान
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:21 AM IST
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राजगढ़। सरकार भले ही किसानों का सारा धान खरीदने का दावा कर रही है परंतु क्षेत्र में खोले गए धान क्रय केंद्र के प्रभारियों के द्वारा किसानों को कभी नमी तो कभी धान का पतला होना,तो कभी चावल की पूरी रिकवरी नही हो रही धान खराब है के जुमले के साथ केंद्रों से लौटा दिया जा रहा है। केंद्र प्रभारी पिछले माह की तरह दिसंबर माह में भी धान खरीद करने में आनाकानी कर रहे हैं।किसानो ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर किसानों का धान क्रय कराने में सहयोग करने की मांग की है। राजगढ़ क्षेत्र में खोले गए पीसीएफ के चार क्रय केंद्रों ने उठान न होने पर क्रय बंद कर दिया है। हाट शाखा पर पाइया को कौन कहे धान भी ओसवा दिया जा रहा है। किसान के 50 कुंतल धान में 15 से 18 बोरी मतलब सात से आठ कुंतल पाइया के नाम पर वापस किया जा रहा है, जो किसान पांच से सात कुंतल चुपके से कटौती करवा रहा है उसका सब ले लिया जा रहा है,साथ ही पल्लेदारी 20 से 25 रुपये ली जा रही है, जबकि सरकार 15 रुपये ही दे रही है।राजगढ़ के क्रय केंद्र पर धन बेचने गए गिरीश चंद्र सिंह से 50 रुपये प्रति कुंतल एडवांस जमा करने को कहा गया,जिसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम मड़िहान से लिखित रूप में की है। उपभोक्ता समिति व कर्मचारी कल्याण समिति तो भगवान भरोसे है। किसानों की कोई सुनने वाला नही है। धान क्रय के मड़िहान प्रभारी प्रेम प्रकाश गिरी का कहना है, किसी ने धान न लेने की शिकायत अभी तक नही किया फिर भी किसानों को सरकार के वादों के अनुसार लाभ दिया जा रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर किसानों को उनके उपज का सही मूल्य दिलाने में सहयोग की मांग किया है।