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मातृ शिशु कल्याण केंद्र की हालत खस्ता, नहीं खुल रहे ताले
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:23 AM IST
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ड्रमंडगंज। क्षेत्र स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्रों की हालत काफी खस्ताहाल है। एएनएम सेंटर के ताले एकाधबार ही खुलते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण कराने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है।
हलिया विकास खंड के 212 गांवों के तहत जच्चा बच्चा के टीके तथा प्रसव जांच हेतु मातृ शिशु कल्याण केन्द्र हर न्याय पंचायत स्तर पर 19 मातृ शिशु कल्याण केंद्र बनाये गए हैं जो कि बबुरा भैरोदयाल, बरौधा, सोनगढा, कोटा शिवप्रताप, हलिया, भैसोड़ बलाय पहाड़, ड्रमंडगंज, पटेहरा, मड़वा धनावल, गड़बड़ा राजा, महुगढ, अहुगी कंला, अहुगी खुर्द, मनिगढा, उमरिया, बरया, मतवार में लाखों की लागत से केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर न तो एएनएम रहती हैं और न ही ताले खुलते हैं। भवन भी जर्जर हालात में दिख रहे हैं। केंद्र के समीप घास ही घास दिखाई दे रही हैं। इन केंद्रों कि हालात खस्ता हो गई हैं। सोनगढा के जगदीश सिंह, श्यामपाल सिंह, सुरेश दुबे, नारेंद्र बहादुर सिंह, आशीष कुमार दुबे, स्त्रत्त्शंकरलाल, मोल्तीलाल, प्रभात कुमार, संतोष कुमार, प्रशांत कुमार, माधोलाल आदि का कहना है कि नौनिहाल शिशुओं की तथा प्रसव जांच हेतु सोनगढ़ा में ताला लगा रहने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया तथा 70 किलोमीटर की दैरी तय कर मिर्जापुर जाना पड़ता हैं, ऐसी दशा में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पवन कुमार पटेल का कहना हैं कि 19 मातृ शिशु कल्याण केंद्रों पर एएनएम की नियुक्ति की गईं हैं सभी को केंद्र पर रहना चाहिए। केंद्र से गायब रहने वाले एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हलिया विकास खंड के 212 गांवों के तहत जच्चा बच्चा के टीके तथा प्रसव जांच हेतु मातृ शिशु कल्याण केन्द्र हर न्याय पंचायत स्तर पर 19 मातृ शिशु कल्याण केंद्र बनाये गए हैं जो कि बबुरा भैरोदयाल, बरौधा, सोनगढा, कोटा शिवप्रताप, हलिया, भैसोड़ बलाय पहाड़, ड्रमंडगंज, पटेहरा, मड़वा धनावल, गड़बड़ा राजा, महुगढ, अहुगी कंला, अहुगी खुर्द, मनिगढा, उमरिया, बरया, मतवार में लाखों की लागत से केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर न तो एएनएम रहती हैं और न ही ताले खुलते हैं। भवन भी जर्जर हालात में दिख रहे हैं। केंद्र के समीप घास ही घास दिखाई दे रही हैं। इन केंद्रों कि हालात खस्ता हो गई हैं। सोनगढा के जगदीश सिंह, श्यामपाल सिंह, सुरेश दुबे, नारेंद्र बहादुर सिंह, आशीष कुमार दुबे, स्त्रत्त्शंकरलाल, मोल्तीलाल, प्रभात कुमार, संतोष कुमार, प्रशांत कुमार, माधोलाल आदि का कहना है कि नौनिहाल शिशुओं की तथा प्रसव जांच हेतु सोनगढ़ा में ताला लगा रहने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया तथा 70 किलोमीटर की दैरी तय कर मिर्जापुर जाना पड़ता हैं, ऐसी दशा में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पवन कुमार पटेल का कहना हैं कि 19 मातृ शिशु कल्याण केंद्रों पर एएनएम की नियुक्ति की गईं हैं सभी को केंद्र पर रहना चाहिए। केंद्र से गायब रहने वाले एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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