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शिक्षित बेटी युक्त समाज का होना चाहिए निर्माण
Thu, 03 Jan 2019 01:51 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jan 2019 01:51 AM IST
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विंध्याचल के सगरा कंतित स्थित प्रबोधिनी शक्तिधाम में बुधवार को आयोजित अमर उजाला अपराजिता सजगता संगोष्ठी में नारी सशक्तीकरण के लिए शिक्षा को सबसे मजबूत माध्यम बताया गया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं महिलाओं ने कहा कि शिक्षित बेटी सशक्त समाज का निर्माण होगा। नारी शक्ति राष्ट्र की शक्ति है।
विषम परिस्थितियों का सामना करने के बाद भी नारियां हर क्षेत्र में ऊंचाईयों को छू रही हैं। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान तहत सजगता संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रबोधिनी शक्तिधाम की निदेशिका नंदिनी मिश्रा ने नारी सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा आज की नारियां सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाते हुए समाज विरोधी तत्वों का डटकर मुकाबला कर रही हैं।
नारी को स्वावलंबी बनाने तथा समान अधिकार देने के प्रति समाज को जागरूक होना होगा। कुष्मांडा पांडेय ने कहा हमें बेटी और बेटे में कोई फर्क नहीं करना चाहिए। सामाजिक संस्थाओं को भी नारी उत्थान की दिशा में रचनात्मक कदम उठाने चाहिए। लक्ष्मी ने कहा नारियों को सम्मान और अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। मंजू और आरती ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर रोकथाम और त्वरित न्याय के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए। निर्मला ने कहा कि बेटियों को शिक्षित होना इसलिए जरूरी है कि उनको समाज एवं परिवार में उचित निर्णय लेने में कोई परेशानी न हो और वह आत्मनिर्भर बन सकें।
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विषम परिस्थितियों का सामना करने के बाद भी नारियां हर क्षेत्र में ऊंचाईयों को छू रही हैं। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान तहत सजगता संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रबोधिनी शक्तिधाम की निदेशिका नंदिनी मिश्रा ने नारी सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा आज की नारियां सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाते हुए समाज विरोधी तत्वों का डटकर मुकाबला कर रही हैं।
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नारी को स्वावलंबी बनाने तथा समान अधिकार देने के प्रति समाज को जागरूक होना होगा। कुष्मांडा पांडेय ने कहा हमें बेटी और बेटे में कोई फर्क नहीं करना चाहिए। सामाजिक संस्थाओं को भी नारी उत्थान की दिशा में रचनात्मक कदम उठाने चाहिए। लक्ष्मी ने कहा नारियों को सम्मान और अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। मंजू और आरती ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर रोकथाम और त्वरित न्याय के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए। निर्मला ने कहा कि बेटियों को शिक्षित होना इसलिए जरूरी है कि उनको समाज एवं परिवार में उचित निर्णय लेने में कोई परेशानी न हो और वह आत्मनिर्भर बन सकें।
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