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बीएसए ने एबीएसए का अक्तूबर माह का काटा पूरा वेतन
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:09 AM IST
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मिर्जापुुर। बीआरसी सिटी कार्यालय का औचक निरीक्षण शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने किया। निरीक्षण के दौरान बीआरसी कार्यालय में तमाम खामियां पाए जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुए बीएसए ने व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के उपरांत बीएसए ने कार्यालय पर कार्य शिथिलता और गंदगी के कारण खंड शिक्षा अधिकारी विनोद मिश्रा का अक्तूबर माह का वेतन रोक दिया। कार्यपालन में शिथिलता के कारण बाबू बीना मिश्रा का एक दिन का वेतन काट लिया गया, वहीं कंप्यूटर आपरेटर और लेखाकार का एक-एक दिन का मानदेय भी काट दिया गया।
बीआरसी कार्यालय पर निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी विनोद मिश्रा, परिषदीय बाबू बीना मिश्रा, लेखाकार अनुराग मौर्या, कंप्यूटर आपरेटर आशा गुप्ता उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान बीआरसी कार्यालय पर बच्चों को वितरित होने वाली एक हजार से ज्यादा जूते, पांच सौ से ज्यादा किताबें, छह सौ स्कूल बैग एक कमरे में बंद पाए गए। निरीक्षण के दौरान बीआरसी के एक कमरे में टूटा हुआ फर्नीचर, हैंड वाशिंग यूनिट, चार निष्प्रयोज्य आलमारियां, तीन पंखे व चार कंप्यूटर पाए गए। बीआरसी में रखी आलमारी में कबाड़ के ढंग से फाइलों को रखा गया था। बीआरसी परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली रही, वहीं फर्श क्षतिग्रस्त मिली। बीआरसी कार्यालय पर अध्यापकों से संबंधित अवकाश रजिस्टर, डिस्पैच रजिस्टर, मूवमेंट रजिस्टर मांगा गया, जिससे यह ज्ञात हुआ कि अवकाश रजिस्टर तो बनाया गया है, लेकिन रजिस्टर में कोई अंकन नहीं है, जिससे यह ज्ञात हो सके कि कितने अध्यापक सीसीएल, प्रसूति व मेडिकल पर हैं। बीआरसी कार्यालय के लेखाकार से पूछा गया कि विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में कितनी धनराशि प्राप्त हुई तो इस संबंध में न तो कोई अभिलेख उपलब्ध कराया गया और न ही मौखिक ही जानकारी दी गई। जिस पर बीएसए ने कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के संबंध में जानकारी हुई कि नए भर्ती हुए शिक्षकों की अद्यतन सेवा पुस्तिका नहीं बनाई गई है और न ही किसी का सत्यापन ही कराया गया है। बीआरसी कार्यालय के कर्मियों की नियमित उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक अभी तक नहीं लगवाया जा सका है। आकांक्षा श्रीवास्तव की नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर वर्ष 2015 में हुई है, लेकिन बीआरसी कार्यालय को यह नहीं पता है कि उनके द्वारा किस प्रकार के कितने अवकाश लिए गए हैं, जबकि यह अक्सर विद्यालय से गायब रहती हैं। बीआरसी कार्यालय परिसर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजपुर संचालित है, जहां मध्याह्न भोजन के अंतर्गत तहरी बनी हुई थी, जिसमें मात्र चावल व हल्दी का समावेश दिखा, जो गुुणवत्ता विहीन था। विद्यालय में परीक्षाएं चल रही थीं, बच्चे एक दूसरे की नकल करते दिखे। कार्यालय परिसर का शौचालय टूटा व गंदा पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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बीआरसी कार्यालय पर निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी विनोद मिश्रा, परिषदीय बाबू बीना मिश्रा, लेखाकार अनुराग मौर्या, कंप्यूटर आपरेटर आशा गुप्ता उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान बीआरसी कार्यालय पर बच्चों को वितरित होने वाली एक हजार से ज्यादा जूते, पांच सौ से ज्यादा किताबें, छह सौ स्कूल बैग एक कमरे में बंद पाए गए। निरीक्षण के दौरान बीआरसी के एक कमरे में टूटा हुआ फर्नीचर, हैंड वाशिंग यूनिट, चार निष्प्रयोज्य आलमारियां, तीन पंखे व चार कंप्यूटर पाए गए। बीआरसी में रखी आलमारी में कबाड़ के ढंग से फाइलों को रखा गया था। बीआरसी परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली रही, वहीं फर्श क्षतिग्रस्त मिली। बीआरसी कार्यालय पर अध्यापकों से संबंधित अवकाश रजिस्टर, डिस्पैच रजिस्टर, मूवमेंट रजिस्टर मांगा गया, जिससे यह ज्ञात हुआ कि अवकाश रजिस्टर तो बनाया गया है, लेकिन रजिस्टर में कोई अंकन नहीं है, जिससे यह ज्ञात हो सके कि कितने अध्यापक सीसीएल, प्रसूति व मेडिकल पर हैं। बीआरसी कार्यालय के लेखाकार से पूछा गया कि विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में कितनी धनराशि प्राप्त हुई तो इस संबंध में न तो कोई अभिलेख उपलब्ध कराया गया और न ही मौखिक ही जानकारी दी गई। जिस पर बीएसए ने कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के संबंध में जानकारी हुई कि नए भर्ती हुए शिक्षकों की अद्यतन सेवा पुस्तिका नहीं बनाई गई है और न ही किसी का सत्यापन ही कराया गया है। बीआरसी कार्यालय के कर्मियों की नियमित उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक अभी तक नहीं लगवाया जा सका है। आकांक्षा श्रीवास्तव की नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर वर्ष 2015 में हुई है, लेकिन बीआरसी कार्यालय को यह नहीं पता है कि उनके द्वारा किस प्रकार के कितने अवकाश लिए गए हैं, जबकि यह अक्सर विद्यालय से गायब रहती हैं। बीआरसी कार्यालय परिसर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजपुर संचालित है, जहां मध्याह्न भोजन के अंतर्गत तहरी बनी हुई थी, जिसमें मात्र चावल व हल्दी का समावेश दिखा, जो गुुणवत्ता विहीन था। विद्यालय में परीक्षाएं चल रही थीं, बच्चे एक दूसरे की नकल करते दिखे। कार्यालय परिसर का शौचालय टूटा व गंदा पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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