{"_id":"5b5b6c624f1c1b6f668b5c65","slug":"171532718178-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोल बम के नारों के साथ कांवड़ यात्रा हुआ प्रारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोल बम के नारों के साथ कांवड़ यात्रा हुआ प्रारंभ
Updated Sat, 28 Jul 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
मिर्जापुर। सावन के पहले सोमवार को देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के लिए शुक्रवार को गंगा घाटों पर गंगा जल लेकर कांवरिये शिवद्वार, वाराणसी आदि शिवधामों के लिए रवाना हुए। कांवरिये बोल बम का उद्घोष करते रहे। गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था रही।
नगर के बरियाघाट से कांवरियों की टोली रवाना हुई। शुक्रवार को कांवरियों की संख्या कम रही। सुबह से शाम तक कांवरियों की टोलियां जल भरने के लिए गंगा घाटों पर आती रहीं। बरियाघाट पर कांवरियों ने स्नान और पूजन के बाद गंगाजल लेकर शिवद्वार, वाराणसी रवाना हुए। कांवरिये वासलीगंज, गिरधर का चौराहा, महुवरिया, शुक्लहा, भरुहना होते सोनभद्र स्थित शिवद्वार गए। विंध्याचल: दीवान घाट, पक्काघाट के अलावा अन्य घाटों पर कांवरियों की टोली पहुंचती रही। कांवरियों का जत्थ भदोही, जौनपुुर, वाराणसी और शिवद्वार के लिए रवाना हुआ। कांवरिये पहले सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। जिगना: कांवरियों ने विभिन्न गंगाघाटों पर जल लिया। कांवरियों का जत्था सबसे पहले बाबा बदेवरा नाथ धाम पहुंचा। जहां उनका दर्शन पूजन कर बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ।
सावन मास से प्रारंभ कांवर यात्रा को देखते हुए नगर के विभिन्न गंगाघाटों व मार्गों पर दुकानें सज गईं। दुकानों पर कांवर के साथ ही शिवभक्तों के जोगिया रंग परिधानों के अलावा पूूजा पाठ व वर्षा से बचाव, माला फूल, के सामान आदि बिक्री के लिए लगा दिए गए हैं। नगर के बरियाघाट व विंध्याचल में गंगाघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर एक दिन पूर्व ही कांवर यात्रा को देखते हुए सजा दिए गए थे।
विज्ञापन
कांवर यात्रा को देखते हुए गंगाघाटों पर सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार को चौकस रहा। हालांकि शुक्रवार को कांवरियों की तादात कोई अधिक नहीं रही पर बरियाघाट व विंध्याचल में गंगाघाटों पर तैनात सुरक्षाकर्मी घाटों की तरफ अपनी निगाहें गड़ाए रहे। घाटों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ ही बैरिकेटिंग की व्यवस्था एक दिन पूर्व ही कर दी गई थी। घाटों की ओर उमड़ने वाले भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बरियाघाट तिराहे पर वैरियर लगाए गए थे।
विज्ञापन
नगर के बरियाघाट से कांवरियों की टोली रवाना हुई। शुक्रवार को कांवरियों की संख्या कम रही। सुबह से शाम तक कांवरियों की टोलियां जल भरने के लिए गंगा घाटों पर आती रहीं। बरियाघाट पर कांवरियों ने स्नान और पूजन के बाद गंगाजल लेकर शिवद्वार, वाराणसी रवाना हुए। कांवरिये वासलीगंज, गिरधर का चौराहा, महुवरिया, शुक्लहा, भरुहना होते सोनभद्र स्थित शिवद्वार गए। विंध्याचल: दीवान घाट, पक्काघाट के अलावा अन्य घाटों पर कांवरियों की टोली पहुंचती रही। कांवरियों का जत्थ भदोही, जौनपुुर, वाराणसी और शिवद्वार के लिए रवाना हुआ। कांवरिये पहले सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। जिगना: कांवरियों ने विभिन्न गंगाघाटों पर जल लिया। कांवरियों का जत्था सबसे पहले बाबा बदेवरा नाथ धाम पहुंचा। जहां उनका दर्शन पूजन कर बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ।
विज्ञापन
सावन मास से प्रारंभ कांवर यात्रा को देखते हुए नगर के विभिन्न गंगाघाटों व मार्गों पर दुकानें सज गईं। दुकानों पर कांवर के साथ ही शिवभक्तों के जोगिया रंग परिधानों के अलावा पूूजा पाठ व वर्षा से बचाव, माला फूल, के सामान आदि बिक्री के लिए लगा दिए गए हैं। नगर के बरियाघाट व विंध्याचल में गंगाघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर एक दिन पूर्व ही कांवर यात्रा को देखते हुए सजा दिए गए थे।
विज्ञापन
कांवर यात्रा को देखते हुए गंगाघाटों पर सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार को चौकस रहा। हालांकि शुक्रवार को कांवरियों की तादात कोई अधिक नहीं रही पर बरियाघाट व विंध्याचल में गंगाघाटों पर तैनात सुरक्षाकर्मी घाटों की तरफ अपनी निगाहें गड़ाए रहे। घाटों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ ही बैरिकेटिंग की व्यवस्था एक दिन पूर्व ही कर दी गई थी। घाटों की ओर उमड़ने वाले भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बरियाघाट तिराहे पर वैरियर लगाए गए थे।