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भिगीय लापरवाही के कारण नहीं भर पा रहे बंधी और तालाब
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:35 PM IST
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पहाड़ी के टेढ़ा में टूटी बंधी
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मिर्जापुर। बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए बनी कुल ढाई सौ बंधियों में अधिकतर बंधियों के इनकमिंग और आउटगोइंग सोर्सेज का निर्माण मानक के विपरीत किया गया है। ऐसे में बारिश का पानी बंधियों में एकत्रित नहीं हो पाएगा। संपूर्ण समाधान दिवस पर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो जिलाधिकारी ने कुछ बंधियों का निरीक्षण किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने एडीएम के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
किसानों और पशु पालकों की सुविधा के लिए ढाई सौ बंधियां बनाई गई हैं। इसका मकसद बरसात का पानी बंधियों में एकत्रित करना और बारिश के बाद एकत्रित पानी को तालाबों में भरना है। जिले के राजगढ़, हलिया, लालगंज, मड़िहान, पहाड़ी, चुनार, जमालपुर, छानबे, मझवां पटेहरा ब्लाकों में बंधियां बनाई गई है। इन छोटी-छोटी बंधियों में बरसात का पानी रोकने का निर्णय लिया था। बरसात समाप्त होने पर इन्हीं बंधियों से क्षेत्र में मौजूद तालाबों के सूखने पर उन्हें भरने का प्लान भी बनाया गया था। इसके लिए बंधी निर्माण के समय इस बात पर खासा ध्यान दिया गया था कि बरसात होने पर किसी ओर से अधिक पानी आएगा जिससे बंधी भर जाएगी। इसके लिए उस रास्ते को बनाते समय इसका विशेष ध्यान देने को कहा गया था। यहीं नहीं आसपास मौजूद तालाबों को भरने के लिए भी बंधी से ही एक ऐसा रास्ता बनाने को कहा गया था जिससे बंधी में भरा पानी नष्ट नहीं हो और समय आने पर उसमें से पानी निकालकर आराम से तालाबों तक पहुंचाया जा सके। लेकिन बंधी बनाते समय इसका विभागीय अधिकारियों ने इसका कोई ध्यान नहीं दिया। इससे वर्तमान समय में अधिकांश बंधियों में बरसात का पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे वह पूरी तरह से भर नहीं पा रही है। कुछ बंधियों के भर जाने के बाद भी तालाबों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे तालाब में पानी नहीं भरे जा पा रहे हैं।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि बंधियों के इनकमिंग और आउटगोइंग सोर्सेज का निर्माण मानक के विपरीत करने की शिकायत की गई है। इसकी जांच कराने के निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों और पशु पालकों की सुविधा के लिए ढाई सौ बंधियां बनाई गई हैं। इसका मकसद बरसात का पानी बंधियों में एकत्रित करना और बारिश के बाद एकत्रित पानी को तालाबों में भरना है। जिले के राजगढ़, हलिया, लालगंज, मड़िहान, पहाड़ी, चुनार, जमालपुर, छानबे, मझवां पटेहरा ब्लाकों में बंधियां बनाई गई है। इन छोटी-छोटी बंधियों में बरसात का पानी रोकने का निर्णय लिया था। बरसात समाप्त होने पर इन्हीं बंधियों से क्षेत्र में मौजूद तालाबों के सूखने पर उन्हें भरने का प्लान भी बनाया गया था। इसके लिए बंधी निर्माण के समय इस बात पर खासा ध्यान दिया गया था कि बरसात होने पर किसी ओर से अधिक पानी आएगा जिससे बंधी भर जाएगी। इसके लिए उस रास्ते को बनाते समय इसका विशेष ध्यान देने को कहा गया था। यहीं नहीं आसपास मौजूद तालाबों को भरने के लिए भी बंधी से ही एक ऐसा रास्ता बनाने को कहा गया था जिससे बंधी में भरा पानी नष्ट नहीं हो और समय आने पर उसमें से पानी निकालकर आराम से तालाबों तक पहुंचाया जा सके। लेकिन बंधी बनाते समय इसका विभागीय अधिकारियों ने इसका कोई ध्यान नहीं दिया। इससे वर्तमान समय में अधिकांश बंधियों में बरसात का पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे वह पूरी तरह से भर नहीं पा रही है। कुछ बंधियों के भर जाने के बाद भी तालाबों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे तालाब में पानी नहीं भरे जा पा रहे हैं।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि बंधियों के इनकमिंग और आउटगोइंग सोर्सेज का निर्माण मानक के विपरीत करने की शिकायत की गई है। इसकी जांच कराने के निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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