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श्रावणी उपाकर्म व संस्कृत दिवस मनाया
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:48 AM IST
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मिर्जापुर। जनपद में श्रावणी उपाकर्म एवं संस्कृत दिवस धूमधाम से मनाया गया। छात्रों-अध्यापकों ने मिट्टी का, गोमय, गोमूत्र, दुग्ध, दधि, धृत, भस्म आदि से विधिपूर्वक स्नान किया।
विश्व सनातन परिवार के तत्वावधान में श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया गया। नगर में रविवार को ब्राह्मणों ने विधि विधान के साथ मां गंगा की गोद में स्नान, तर्पण, अर्पण के बाद षोडषोपचार विधि से ऋषि पूजन किया। अध्यक्षता करते हुए निराला जी महराज ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण पर ही मानव की सभ्यता, दया, मानवता व करुणा संभव है। अन्यथा घृणा, वैमनस्यता, नफरत के बीच मानव का जीवन जीना दूभर हो जाएगा। गोष्ठी को रामगोपाल तिवारी, रघुनाथ तिवारी, गोपाल, सुनील मिश्रा, अशोक मिश्रा, रुद्रप्रसाद मिश्रा, बच्चा, प्रभुनाथ तिवारी, मंगला त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन स्वप्निल द्विवेदी ने किया।
चुनार स्थित श्रीमती भागीरथी ट्रस्ट आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में रविवार को श्रावणी उपाकर्म एवं संस्कृत दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्रात:काल बालूघाट में गण स्नान संपन्न हुआ। जिसमें प्राचार्य डा. ब्रह्मानंद शुक्ल, काशी प्रसाद मिश्र, राजेश्वरी प्रसाद त्रिपाठी, शशिकांत मिश्र, कैलाश पति त्रिपाठी सहित छात्रों अध्यापकों ने मिट्टी का, गोमय, गोमूत्र, दुग्ध, दधि, धृत, भस्म आदि से विधिपूर्वक स्नान किया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में संध्या, तर्पण, ऋषि पूजन, हवन के बाद संस्कृत दिवस मनाया गया। जिसमें प्रिंस मिश्र, बलभद्र शुक्ल, शिवांशु कुमार आदि छात्रों ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के शिक्षक वीरेंद्र चतुर्वेदी ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में डा. शुक्ल ने संस्कृत को सरल एवं उपयोगी बताया। संचालन काशी प्रसाद मिश्र ने किया। जिगना छानबे क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व व श्रावणी उपाकर्म और बड़े ही धूमधाम से रक्षा बंधन मनाया गया। क्षेत्र के पश्चिम वाहिनी गंगा तट नरायणघाट सहित कई स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया गया जहां पर काफी लोग जल मे खड़े होकर पूजन किया।
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विश्व सनातन परिवार के तत्वावधान में श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया गया। नगर में रविवार को ब्राह्मणों ने विधि विधान के साथ मां गंगा की गोद में स्नान, तर्पण, अर्पण के बाद षोडषोपचार विधि से ऋषि पूजन किया। अध्यक्षता करते हुए निराला जी महराज ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण पर ही मानव की सभ्यता, दया, मानवता व करुणा संभव है। अन्यथा घृणा, वैमनस्यता, नफरत के बीच मानव का जीवन जीना दूभर हो जाएगा। गोष्ठी को रामगोपाल तिवारी, रघुनाथ तिवारी, गोपाल, सुनील मिश्रा, अशोक मिश्रा, रुद्रप्रसाद मिश्रा, बच्चा, प्रभुनाथ तिवारी, मंगला त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन स्वप्निल द्विवेदी ने किया।
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चुनार स्थित श्रीमती भागीरथी ट्रस्ट आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में रविवार को श्रावणी उपाकर्म एवं संस्कृत दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्रात:काल बालूघाट में गण स्नान संपन्न हुआ। जिसमें प्राचार्य डा. ब्रह्मानंद शुक्ल, काशी प्रसाद मिश्र, राजेश्वरी प्रसाद त्रिपाठी, शशिकांत मिश्र, कैलाश पति त्रिपाठी सहित छात्रों अध्यापकों ने मिट्टी का, गोमय, गोमूत्र, दुग्ध, दधि, धृत, भस्म आदि से विधिपूर्वक स्नान किया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में संध्या, तर्पण, ऋषि पूजन, हवन के बाद संस्कृत दिवस मनाया गया। जिसमें प्रिंस मिश्र, बलभद्र शुक्ल, शिवांशु कुमार आदि छात्रों ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के शिक्षक वीरेंद्र चतुर्वेदी ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में डा. शुक्ल ने संस्कृत को सरल एवं उपयोगी बताया। संचालन काशी प्रसाद मिश्र ने किया। जिगना छानबे क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व व श्रावणी उपाकर्म और बड़े ही धूमधाम से रक्षा बंधन मनाया गया। क्षेत्र के पश्चिम वाहिनी गंगा तट नरायणघाट सहित कई स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया गया जहां पर काफी लोग जल मे खड़े होकर पूजन किया।
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