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टंकी, शहनाई पिचकारी की धूम
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:08 AM IST
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मिर्जापुर। होली का त्योहार रंगों और गुलाल के लिए जाना जाता है। बाजार में पर्व के लिए रंग और गुलाल की सैकड़ों दुकानें खुली हुई हैं। इन पर पिचकारियों और तरह तरह के मुखौटे बेचे जा रहे हैं। बच्चों में टंकी पिचकारी की मांग है हालांकि यह काफी मंहगे दामों पर बिक रही है। पिचकारियों की दुुकानों पर बच्चों की भीड़ लग रही है। पहले अधिकांश पिचकारियां वाशर वाली होती थीं लेकिन अब इनका स्थान तरह तरह की डिजायन वाली पिचकारियों ने ले लिया है। इन दिनों बाजार में वाशर वाली पिचकारियों के साथ-साथ टंकी पिचकारी ने धूम मचाया है। इस पिचकारी में आक्सीजन गैस ढोने वाली टंकी बनी हुई है जिसमें रंग घोल कर पीठ पर लादा जा सकता है। एक बार में यह पांच लीटर रंग ले कर चल सकती है। हालांकि इसे सब कोई नहीं खरीद सकता है क्योंकि मार्केट में यह आठ सौ रुपये की बिक रही है। इसी तरह एक पिचकारी शहनाई के आकार की है जो वाशर पर आधारित है यह पिचकारी तीन सौ रुपये की बिक रही है। बैंगन, कैमरा आदि पिचकारियों के स्वरूप हैं जो बच्चों को लुभा रहे हैं। रंग और गुलाल की सैकड़ों दुकाने सजी हैं जिन पर कच्चा पक्का रंग बिक रहा है। रंग दस रुपये का पांच ग्राम के हिसाब से डिब्बियों में रख कर बेचा जा रहा है। इसी प्रकार गुलाल बीस रुपये से लेकर 50 रुपये तक बेचा जा रहा है। विभिन्न कंपनियों द्वारा बनाया गया हर्बल गुलाल 50 रुपये पैकेट बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह गुलाल शरीर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता है। आरारोट से तैयार पीला, गुलाबी और हरा गुलाल तेजी से बिक रहा है। इस बार रंगों और पिचकारियों के दाम में बढोत्तरी होने से ग्राहकों की संख्या घटी है। दुकानदारों का कहना है कि होलिका के दिन से बाजार चढ़ने की उम्मीद है।
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