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घने कोहरे व शीतलहरी से कांप उठे लोग
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:25 AM IST
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घने कोहरे के चलते विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर नहीं दिख रही ट्रेन
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घने कोहरे, गलन से कांप उठे लोग
सुबह दस बजे तक कोहरे के चलते रेंगते रहे वाहन, विलंब से आई ट्रेनें
न्यूनतम तापमान में एक डिग्री हुआ इजाफा, धूप से मिली मामूली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। गलन भरी ठंड का कहर बारहवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। ठंड लगने से जिले में तीन लोगों की मौत हो गई। ठंड के चलते विंध्याचल थाना क्षेत्र के तिवारीपुरा गांव में शुक्रवार शाम राधेश्याम निषाद के छह माह के पुत्र मुन्ना निषाद, मड़िहान के राहकला गांव में जियाना देवी (75) और इसी गांव के निवासी विशुन दयाल (70) की शुक्रवार सुबह ठंड लगने से मौत हो गई।
सुबह दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा जिससे वाहन रेंगते नजर आए जबकि ट्रेनें विलंबित रहीं। यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ी। जगह-जगह अलाव और भट्ठियों पर हाथ सेंककर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ कर सात से आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसके चलते धूप भी हुई लेकिन गलन के चलते कोई खास राहत नहीं मिली।
नववर्ष के पहले दिन से शुरू हुई गलन भरी ठंड अभी तक बरकरार है। पहली जनवरी से अबतक छह डिग्री सेल्सियस से नौ डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान रहा है। शुक्रवार को भी तापमान न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस तक रहा। सुुबह घने कोहरे की धुंध में पूरा नगर क्षेत्र ढंक गया। ठंड व गलन में हवा चलने से लोग कांप उठे। भीषण ठंड का कहर लगातार 12 वें दिन भी जारी रहा। सुबह घने कोहरे से अधिकांश लोगों ने अनुमान लगाया था कि भगवान सूर्य के दर्शन शायद नही होंगे, लेकिन सभी के अनुमान को झुठलाते हुए दस बजे के बाद हल्की धूप हुई जिससे लोगों को मामूली राहत मिली। जैसे ही धूप खिली सड़कों पर लोग दिखाई पड़ने लगे। नगर के लोगों में पालिका की ओर से भीषण ठंड में अलाव न जलवाने से आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पालिका ने एक या दो दिन अलाव के लिए लकड़ी गिरवाई गई लेकिन उसके बाद किसी दिन अलाव नहीं जलवाया। ठंड में राहगीरों का भी बुरा हाल है। उनके लिए बनवाए गए रैन बसेरे से अलाव नदारत हैं। हालांकि शुक्रवार को पालिका प्रशासन ने कुछ स्थानों पर अलाव के लिए लकड़ियां गिरवाईं।
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घने कोहरे, गलन से कांप उठे लोग
सुबह दस बजे तक कोहरे के चलते रेंगते रहे वाहन, विलंब से आई ट्रेनें
न्यूनतम तापमान में एक डिग्री हुआ इजाफा, धूप से मिली मामूली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। गलन भरी ठंड का कहर बारहवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। ठंड लगने से जिले में तीन लोगों की मौत हो गई। ठंड के चलते विंध्याचल थाना क्षेत्र के तिवारीपुरा गांव में शुक्रवार शाम राधेश्याम निषाद के छह माह के पुत्र मुन्ना निषाद, मड़िहान के राहकला गांव में जियाना देवी (75) और इसी गांव के निवासी विशुन दयाल (70) की शुक्रवार सुबह ठंड लगने से मौत हो गई।
सुबह दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा जिससे वाहन रेंगते नजर आए जबकि ट्रेनें विलंबित रहीं। यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ी। जगह-जगह अलाव और भट्ठियों पर हाथ सेंककर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ कर सात से आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसके चलते धूप भी हुई लेकिन गलन के चलते कोई खास राहत नहीं मिली।
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नववर्ष के पहले दिन से शुरू हुई गलन भरी ठंड अभी तक बरकरार है। पहली जनवरी से अबतक छह डिग्री सेल्सियस से नौ डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान रहा है। शुक्रवार को भी तापमान न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस तक रहा। सुुबह घने कोहरे की धुंध में पूरा नगर क्षेत्र ढंक गया। ठंड व गलन में हवा चलने से लोग कांप उठे। भीषण ठंड का कहर लगातार 12 वें दिन भी जारी रहा। सुबह घने कोहरे से अधिकांश लोगों ने अनुमान लगाया था कि भगवान सूर्य के दर्शन शायद नही होंगे, लेकिन सभी के अनुमान को झुठलाते हुए दस बजे के बाद हल्की धूप हुई जिससे लोगों को मामूली राहत मिली। जैसे ही धूप खिली सड़कों पर लोग दिखाई पड़ने लगे। नगर के लोगों में पालिका की ओर से भीषण ठंड में अलाव न जलवाने से आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पालिका ने एक या दो दिन अलाव के लिए लकड़ी गिरवाई गई लेकिन उसके बाद किसी दिन अलाव नहीं जलवाया। ठंड में राहगीरों का भी बुरा हाल है। उनके लिए बनवाए गए रैन बसेरे से अलाव नदारत हैं। हालांकि शुक्रवार को पालिका प्रशासन ने कुछ स्थानों पर अलाव के लिए लकड़ियां गिरवाईं।
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