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नूतन वर्ष में पांच लाख भक्तों ने मत्था टेक मांगी मन्नतें
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:09 AM IST
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मिर्जापुर। नए वर्ष के पहले दिन सोमवार को पांच लाख भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के धाम में मत्था टेक आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने महाकाली, महा लक्ष्मी व महा सरस्वती के दर्शन कर त्रिकोण परिक्रमा पूरी की और खुद तथा परिवार के सदस्यों की सुख समृद्धि की कामना की। दर्शनार्थियों की भीड़ से विंध्य धाम पटा रहा। रामगया घाट पर मां तारा देवी के दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए वर्ष की शुरूआत दर्शन पूजन से किया। विंध्य धाम में उमड़े भक्तों ने गंगा स्नान कर मां का दर्शन-पूजन किया। हाथ में माला फूल, नारियल व चुनरी लेकर दर्शनार्थी मां का जयकारा लगाते रहे। विंध्य धाम परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से पटा रहा। नव वर्ष का प्रथम दिन शुभ हो इसके लिए भक्तों ने परिवार समेत धाम में पहुंच कर दर्शन कर मन्नत मांगी। विंध्यवासिनी मां का दर्शन के पश्चात भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं का भी चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व मां की एक झलक पाने को आतुर भक्त घंटों से लाइन में खड़े रहे। नव वर्ष के मौके पर विंध्य धाम की दुकानें सजी रहीं। दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने जमकर खरीदारी की। वर्ष के प्रथम दिन उमड़ी लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन व पंडा समाज के लोग डटे रहे। वाराणसी बस स्टैंड, बरतर तिराहा, बंगाली चौराहा, रेहड़ापुल, स्टेट बैंक चौराहा, मोतीझील मार्ग आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया था।
विंध्य धाम में नव वर्ष में उमड़े भक्त पानी के लिए तरस गए। तकनीकी खराबी के चलते बिजली की सप्लाई पांच बजे भोर में बंद हो गई। इससे पेयजल की आपूर्ति बाधित रही। वेतन न मिलने से नाराज पंप आपरेटर ने पानी सप्लाई नहीं किया जिससे भक्त पेयजल के लिए तरसते रहे।
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नव वर्ष का आगाज सर्द हवाओं, घने कोहरों एवं हाड़ कंपा देने वाली ठंड से हुआ। ठंड की परवाह किए बगैर जनपदवासियों ने नए साल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। सोमवार सुबह से ही लोग एक दूसरे को नव वर्ष की बधाइयां देने में मशगूल रहे। नगर के बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। माला-फूल बेचने वालों ने अपनी दुकानें तरह तरह के फूलों से सजा रखी थीं। वहीं केक, पेस्टी, चॉकलेट व गिफ्ट की दुकानों पर लोग उमड़े रहे। इस मौके पर युवाओं ने दोस्तों संग रेस्टोरेंट तो कोई विकनिक स्थल पर जाकर नव वर्ष की खुशियां मनाई।
नव वर्ष के पहले दिन सोमवार की सुबह लोगों के मोबाइल के टोन बजते रहे। नए वर्ष की शुभकामनाएं देने का सिलसिला सुबह से देर रात तक चलता रहा। नव वर्ष का बधाई संदेश देने के लिए लोग सोमवार तड़के ही जाग गए थे। इस दौरान मोबाइल पर कभी कॉल आने की घंटी बजती रही तो कभी बधाई संदेश के टोन गूंजते रहे। मोबाइल की व्यस्तता ऐसी रही की 12 बजते बजते सौ प्रतिशत चार्ज मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
नववर्ष के पहले दिन क्षेत्र के पर्यटन स्थल भी गुलजार हो उठे। सोमवार को सुबह से ही लखनिया दरी और चूना दरी जल प्रपात पर सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ठंड के साथ रिमझिम बारिश की फुहार में सैलानी लखनिया दरी जल प्रपात मौसम का आनंद उठाते रहे। लखनियादरी व चुनादरी जल प्रपात की मोहक वादियों में नया साल का जश्न मनाते सैलानी डीजे के धुन पर थिरकते रहे। नववर्ष के उपलक्ष्य में सुबह से ही सैलानियों के आने का सिलसिला लगा रहा। भीड़ को नियंत्रण करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। टीन शेड की व्यवस्था नहीं होने से सैलानियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर एवं आसपास के जिलों वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, संतरविदास नगर, भदोही से बड़ी संख्या में आए लोगों ने एतिहासिक चुनार का किला देखा। यहां पूरे दिन लोगों का आना-जाना लगा रहा। कड़ाके की ठंड होने के बाद भी घरों से निकल कर खुशनुमा माहौल में नववर्ष का स्वागत किया। दुर्ग सहित दुर्गा खोह, भैरव मंदिर, सिद्धनाथ की दरी व धुईबाबा स्थल पर लोग अपने इष्ट मित्रों सहित खाने पीने के साथ नव वर्ष पर मौज किया।
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बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए वर्ष की शुरूआत दर्शन पूजन से किया। विंध्य धाम में उमड़े भक्तों ने गंगा स्नान कर मां का दर्शन-पूजन किया। हाथ में माला फूल, नारियल व चुनरी लेकर दर्शनार्थी मां का जयकारा लगाते रहे। विंध्य धाम परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से पटा रहा। नव वर्ष का प्रथम दिन शुभ हो इसके लिए भक्तों ने परिवार समेत धाम में पहुंच कर दर्शन कर मन्नत मांगी। विंध्यवासिनी मां का दर्शन के पश्चात भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं का भी चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व मां की एक झलक पाने को आतुर भक्त घंटों से लाइन में खड़े रहे। नव वर्ष के मौके पर विंध्य धाम की दुकानें सजी रहीं। दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने जमकर खरीदारी की। वर्ष के प्रथम दिन उमड़ी लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन व पंडा समाज के लोग डटे रहे। वाराणसी बस स्टैंड, बरतर तिराहा, बंगाली चौराहा, रेहड़ापुल, स्टेट बैंक चौराहा, मोतीझील मार्ग आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग कर बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया था।
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विंध्य धाम में नव वर्ष में उमड़े भक्त पानी के लिए तरस गए। तकनीकी खराबी के चलते बिजली की सप्लाई पांच बजे भोर में बंद हो गई। इससे पेयजल की आपूर्ति बाधित रही। वेतन न मिलने से नाराज पंप आपरेटर ने पानी सप्लाई नहीं किया जिससे भक्त पेयजल के लिए तरसते रहे।
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नव वर्ष का आगाज सर्द हवाओं, घने कोहरों एवं हाड़ कंपा देने वाली ठंड से हुआ। ठंड की परवाह किए बगैर जनपदवासियों ने नए साल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। सोमवार सुबह से ही लोग एक दूसरे को नव वर्ष की बधाइयां देने में मशगूल रहे। नगर के बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। माला-फूल बेचने वालों ने अपनी दुकानें तरह तरह के फूलों से सजा रखी थीं। वहीं केक, पेस्टी, चॉकलेट व गिफ्ट की दुकानों पर लोग उमड़े रहे। इस मौके पर युवाओं ने दोस्तों संग रेस्टोरेंट तो कोई विकनिक स्थल पर जाकर नव वर्ष की खुशियां मनाई।
नव वर्ष के पहले दिन सोमवार की सुबह लोगों के मोबाइल के टोन बजते रहे। नए वर्ष की शुभकामनाएं देने का सिलसिला सुबह से देर रात तक चलता रहा। नव वर्ष का बधाई संदेश देने के लिए लोग सोमवार तड़के ही जाग गए थे। इस दौरान मोबाइल पर कभी कॉल आने की घंटी बजती रही तो कभी बधाई संदेश के टोन गूंजते रहे। मोबाइल की व्यस्तता ऐसी रही की 12 बजते बजते सौ प्रतिशत चार्ज मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
नववर्ष के पहले दिन क्षेत्र के पर्यटन स्थल भी गुलजार हो उठे। सोमवार को सुबह से ही लखनिया दरी और चूना दरी जल प्रपात पर सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ठंड के साथ रिमझिम बारिश की फुहार में सैलानी लखनिया दरी जल प्रपात मौसम का आनंद उठाते रहे। लखनियादरी व चुनादरी जल प्रपात की मोहक वादियों में नया साल का जश्न मनाते सैलानी डीजे के धुन पर थिरकते रहे। नववर्ष के उपलक्ष्य में सुबह से ही सैलानियों के आने का सिलसिला लगा रहा। भीड़ को नियंत्रण करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। टीन शेड की व्यवस्था नहीं होने से सैलानियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर एवं आसपास के जिलों वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, संतरविदास नगर, भदोही से बड़ी संख्या में आए लोगों ने एतिहासिक चुनार का किला देखा। यहां पूरे दिन लोगों का आना-जाना लगा रहा। कड़ाके की ठंड होने के बाद भी घरों से निकल कर खुशनुमा माहौल में नववर्ष का स्वागत किया। दुर्ग सहित दुर्गा खोह, भैरव मंदिर, सिद्धनाथ की दरी व धुईबाबा स्थल पर लोग अपने इष्ट मित्रों सहित खाने पीने के साथ नव वर्ष पर मौज किया।