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बिजल की दरें बढ़ाकर सरकार ने किसानों को दिया झटका
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:37 AM IST
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मिर्जापुर। राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष राजीव कृष्ण सिंह पटेल के नेतृत्व में शनिवार को कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। पत्रक में कहा कि प्रदेश के सभी किसान समस्याओं से चिंता ग्रस्त हैं। वर्तमान सरकार से किसानों ने काफी उम्मीदें लगा रखी थी, लेकिन किसानों को सरकार से निराश के अलावा कुछ नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों को बढ़ाकर किसानों को तगड़ा झटका दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाए। प्रदेश सरकार ने आरंभ में किसानों के ऋण माफी की घोषणा बड़े जोर शोर से किया, लेकिन वह महज चुनावी स्टंट ही साबित हुआ। किसान आज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पत्रक में कहा कि वर्तमान में किसानों को धान, आलू, गन्ना व अन्य फसलों का समुचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान भविष्य को लेकर चिंताग्रस्त हैं, उसी में प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के दरों में बढ़ोत्तरी किए जाने के फरमान ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकताओं ने राज्यपाल से किसानों की समस्यओं को दूर करने की गुहार लगाते हुए पांच सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बढ़े हुए बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, फसलों के उचित समर्थन मूल्य दिलाने, फसल बीमा योजना की धाराओं पर पुनर्विचार करने, शीत गृह भंडारण दर पर पुनर्विचार करने एवं आलू उत्पादन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जाने आदि मांगे शामिल हैं। इस अवसर पर त्रिलोकी नाथ प्रजापति, मो. शहजादे, बेचन राम बिंद, प्रीतम, वंश वर्मा, मनोज तिवारी, प्रदीप दूबे एवं विरेंद्र आदि उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाए। प्रदेश सरकार ने आरंभ में किसानों के ऋण माफी की घोषणा बड़े जोर शोर से किया, लेकिन वह महज चुनावी स्टंट ही साबित हुआ। किसान आज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पत्रक में कहा कि वर्तमान में किसानों को धान, आलू, गन्ना व अन्य फसलों का समुचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान भविष्य को लेकर चिंताग्रस्त हैं, उसी में प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के दरों में बढ़ोत्तरी किए जाने के फरमान ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकताओं ने राज्यपाल से किसानों की समस्यओं को दूर करने की गुहार लगाते हुए पांच सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बढ़े हुए बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, फसलों के उचित समर्थन मूल्य दिलाने, फसल बीमा योजना की धाराओं पर पुनर्विचार करने, शीत गृह भंडारण दर पर पुनर्विचार करने एवं आलू उत्पादन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जाने आदि मांगे शामिल हैं। इस अवसर पर त्रिलोकी नाथ प्रजापति, मो. शहजादे, बेचन राम बिंद, प्रीतम, वंश वर्मा, मनोज तिवारी, प्रदीप दूबे एवं विरेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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