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चुनार में कूड़े से बनेगी बिजली-CHANDAULI
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:03 AM IST
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चुनार (मिर्जापुर)। मिर्जापुर ही नहीं आसपास के जिलों के प्रमुख 11 नगर पालिकाओं और पंचायतों के कचरे का निस्तारण चुनार के जंगल महाल में किया जाएगा। इसके लिए 22 हेक्टेयर भूमि पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाया जाएगा, जहां बिजली भी बनेगी और कंपोस्ट खाद भी। प्रशासन ने इसके लिए भूमि का आवंटन कर दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार का पूरा जोर सफाई पर है। मगर सबसे बड़ी समस्या शहरों से रोजाना निकलने वाले हजारों टन कूड़े के निस्तारण की है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार सक्तेशगढ़ परगना के जंगल महाल में अत्याधुनिक सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने जा रही है। प्लांट का निर्माण 22 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा, जहां वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और चंदौली जिलों के 11 नगर पालिका और पंचायतों के हजारों टन कचरे का निस्तारण होगा। फिलहाल इन जिलों में कूड़े का निस्तारण बड़ी समस्या है। किसी शहर में ठोस कचरे के मुकम्मल निस्तारण का प्रभावी बंदोबस्त नहीं है। यहां लगने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अत्याधुनिक किस्म का होगा। यहां ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी जो विभिन्न श्रेणी के कचरे की छंटाई करेंगी और उन्हें रिसाइकल करेंगी। कचरे को छांट कर उससे कंपोस्ट बनाई जाएगी। विद्युत उत्पादन के लिए भी प्लांट लगेगा। इसके साथ ही प्लास्टिक के कचरे की रिसाइकलिंग की भी व्यवस्था होगी। चुनार नगर पालिका के सफाई निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक किस्म का प्लांट होगा, जो जीरो वेस्ट प्लांट है। यहां हर तरह के कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। किसी किस्म का कचरा यहां से बाहर नहीं जाएगा।
वर्जन
प्लांट के लिए तहसील प्रशासन द्वारा जमीन का आवंटन कर दिया गया है। इसकी जानकारी केंद्र और राज्य सरकारों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही प्लांट स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें वाराणसी, मुगलसराय, रामनगर, मिर्जापुर, चुनार, अहरौरा, कछवां, भदोही आदि 11 शहरों का ठोस अपशिष्ट एकत्र कर लाया जाएगा। उनसे खाद और बिजली बनाई जाएगी।-सीपी सिंह, अधिशासी अधिकारी, चुनार, नगर पालिका।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार का पूरा जोर सफाई पर है। मगर सबसे बड़ी समस्या शहरों से रोजाना निकलने वाले हजारों टन कूड़े के निस्तारण की है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार सक्तेशगढ़ परगना के जंगल महाल में अत्याधुनिक सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने जा रही है। प्लांट का निर्माण 22 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा, जहां वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और चंदौली जिलों के 11 नगर पालिका और पंचायतों के हजारों टन कचरे का निस्तारण होगा। फिलहाल इन जिलों में कूड़े का निस्तारण बड़ी समस्या है। किसी शहर में ठोस कचरे के मुकम्मल निस्तारण का प्रभावी बंदोबस्त नहीं है। यहां लगने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अत्याधुनिक किस्म का होगा। यहां ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी जो विभिन्न श्रेणी के कचरे की छंटाई करेंगी और उन्हें रिसाइकल करेंगी। कचरे को छांट कर उससे कंपोस्ट बनाई जाएगी। विद्युत उत्पादन के लिए भी प्लांट लगेगा। इसके साथ ही प्लास्टिक के कचरे की रिसाइकलिंग की भी व्यवस्था होगी। चुनार नगर पालिका के सफाई निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक किस्म का प्लांट होगा, जो जीरो वेस्ट प्लांट है। यहां हर तरह के कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। किसी किस्म का कचरा यहां से बाहर नहीं जाएगा।
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प्लांट के लिए तहसील प्रशासन द्वारा जमीन का आवंटन कर दिया गया है। इसकी जानकारी केंद्र और राज्य सरकारों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही प्लांट स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें वाराणसी, मुगलसराय, रामनगर, मिर्जापुर, चुनार, अहरौरा, कछवां, भदोही आदि 11 शहरों का ठोस अपशिष्ट एकत्र कर लाया जाएगा। उनसे खाद और बिजली बनाई जाएगी।-सीपी सिंह, अधिशासी अधिकारी, चुनार, नगर पालिका।
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