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छानबे में गति नही पकड़ रहा स्वच्छता अभियान
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:51 PM IST
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मिर्जापुर। स्वच्छ भारत मिशन छानबे ब्लॉक में गति नहीं पकड़ पा रहा है। शौचालयों के निर्माण में प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जबकि 15 अगस्त तक खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विकास खंड छानबे में प्रधान और सचिव के असहयोग के कारण शौचालय निर्माण नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत गोपालपुर में जिलाधिकारी द्वारा नोटिस देने के बावजूद भी प्रधान और सचिव द्वारा शौचालय निर्माण नहीं कराया जा रहा है। गांव में 398 में से अभी तक सिर्फ 130 शौचालय ही बनवाए गए हैं। वहीं ज्यादातार शौचालयों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। पानी की टंकी और छत निर्माण सही ढंग से नहीं कराया गया है।
इसी तरह ग्राम पंचायत शिवपुर को 430 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था जिसमें से अभी 220 शौचालयों का निर्माण हुआ, महज सात राजगीरों से काम कराया जा रहा है। वहीं गड्ढों का निर्माण मानक के विपरीत किया जा रहा है। प्रधानों द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को शौचालय दिया गया है। ग्राम पंचायत खैरा में 1075 शौचालयों का लक्ष्य दिया गया था जिसमें 414 शौचालय बनना बाकी है और महज छह राजगीर काम कर रहे हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत काशी सरपत्ती में 201 शौचालय का निर्माण बाकी है। छानबे ब्लॉक में छत में मानकों की अनदेखी करके सीमेंट की छत लगाई गई है। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीमेंट सीट की जगह पटिया से छत बनाने का निर्देश दिया है।
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प्रधान और सचिव शौचालयों का निर्माण समय और मानक के अनुसार कराना सुनिश्चित करें, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी
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विकास खंड छानबे में प्रधान और सचिव के असहयोग के कारण शौचालय निर्माण नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत गोपालपुर में जिलाधिकारी द्वारा नोटिस देने के बावजूद भी प्रधान और सचिव द्वारा शौचालय निर्माण नहीं कराया जा रहा है। गांव में 398 में से अभी तक सिर्फ 130 शौचालय ही बनवाए गए हैं। वहीं ज्यादातार शौचालयों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। पानी की टंकी और छत निर्माण सही ढंग से नहीं कराया गया है।
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इसी तरह ग्राम पंचायत शिवपुर को 430 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था जिसमें से अभी 220 शौचालयों का निर्माण हुआ, महज सात राजगीरों से काम कराया जा रहा है। वहीं गड्ढों का निर्माण मानक के विपरीत किया जा रहा है। प्रधानों द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को शौचालय दिया गया है। ग्राम पंचायत खैरा में 1075 शौचालयों का लक्ष्य दिया गया था जिसमें 414 शौचालय बनना बाकी है और महज छह राजगीर काम कर रहे हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत काशी सरपत्ती में 201 शौचालय का निर्माण बाकी है। छानबे ब्लॉक में छत में मानकों की अनदेखी करके सीमेंट की छत लगाई गई है। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीमेंट सीट की जगह पटिया से छत बनाने का निर्देश दिया है।
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प्रधान और सचिव शौचालयों का निर्माण समय और मानक के अनुसार कराना सुनिश्चित करें, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी