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शौचालय आधे अधूरे फिर भी ओडिएफ बना मझवां
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:30 AM IST
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कछवां। मझवां ब्लॉक को जिला प्रशासन द्वारा खुले में शौच मुक्त कर दिया गया, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आज भी ब्लॉक में शौचालय आधे अधूरे पड़े हैं तो लोग धड़ल्ले से खुले में शौच कर रहे हैं। वहीं स्वच्छता अभियान में लगे ब्लॉक समन्वयक, स्वच्छता प्रहरी, नोडल सहित निगरानी समितियां गायब हैं।
मझवां ब्लॉक स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत भले ही खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन ब्लॉक के बरैनी, महामलपुर, गडौली, कटका, नरायनपुर, जमुआ, आही, कनकसराय, रामचंदरपुर, मझवां, जलालपुर, सरावां पंचायत में अभी भी कई शौचालय अधूरे पड़े हैं। मझवां ब्लॉक को 28 जुलाई के कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने ओडीएफ घोषित कर दिया पर गांव तो प्रशासन के दावे को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। मझवां ब्लॉक में अधिकतर प्रधानों द्वारा अपने चहेतों और अपात्रों को ही शौचालय बनवाया गया है। ऐसी स्थिति होने के बावजूद आनन-फानन में मझवां को खुले में शौच से मुक्त किए जाने की प्रशासन की घोषणा यहां के ग्रामीणों के समझ से परे है। खुले में शौच को रोकने की दिशा में सामाजिक स्तर पर भी बेहतर परिणाम दिखना चाहिए। भैसा गांव व सेमरी गांव के बीच से रेलवे लाइन गई है, रेलवे लाइन की पटरियों के दोनों तरफ गंदगी का अंबार लगा है, वहीं क्षेत्र के ईंट भट्ठा पर अभी भी शौचालय का निर्माण नही हुआ है। एडीओ पंचायत विनोद कुमार ने बताया कि ब्लॉक में 12 हजार 70 शौचालयों को बनवाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनकों बनवाया गया है, यदि कोई शौचालय अधूरा है तो उसको जल्द ही पूरा कराया जाएगा।
वर्जन
मझवां ब्लॉक में एडीओ पंचायत द्वारा शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। विभाग द्वारा अभियान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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- विजय नाथ दूबे, खंड विकास अधिकारी
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मझवां ब्लॉक स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत भले ही खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन ब्लॉक के बरैनी, महामलपुर, गडौली, कटका, नरायनपुर, जमुआ, आही, कनकसराय, रामचंदरपुर, मझवां, जलालपुर, सरावां पंचायत में अभी भी कई शौचालय अधूरे पड़े हैं। मझवां ब्लॉक को 28 जुलाई के कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने ओडीएफ घोषित कर दिया पर गांव तो प्रशासन के दावे को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। मझवां ब्लॉक में अधिकतर प्रधानों द्वारा अपने चहेतों और अपात्रों को ही शौचालय बनवाया गया है। ऐसी स्थिति होने के बावजूद आनन-फानन में मझवां को खुले में शौच से मुक्त किए जाने की प्रशासन की घोषणा यहां के ग्रामीणों के समझ से परे है। खुले में शौच को रोकने की दिशा में सामाजिक स्तर पर भी बेहतर परिणाम दिखना चाहिए। भैसा गांव व सेमरी गांव के बीच से रेलवे लाइन गई है, रेलवे लाइन की पटरियों के दोनों तरफ गंदगी का अंबार लगा है, वहीं क्षेत्र के ईंट भट्ठा पर अभी भी शौचालय का निर्माण नही हुआ है। एडीओ पंचायत विनोद कुमार ने बताया कि ब्लॉक में 12 हजार 70 शौचालयों को बनवाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनकों बनवाया गया है, यदि कोई शौचालय अधूरा है तो उसको जल्द ही पूरा कराया जाएगा।
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मझवां ब्लॉक में एडीओ पंचायत द्वारा शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। विभाग द्वारा अभियान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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- विजय नाथ दूबे, खंड विकास अधिकारी