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गरीबो की बनायी गयी सूची,भू माफिया बाहर
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:31 AM IST
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मड़िहान। शासन प्रशासन के आदेश पर भूमाफियाओं के कब्जे से सार्वजनिक जमीन को खाली कराने के लिए शासन के निर्देश पर एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया। हल्का लेखपालों को निर्देश दिया गया कि सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा जमाए भूमाफियाओं की सूची तैयार कर तहसील कार्यालय में जमा कर दें। जिससे अभियान में सार्वजनिक जमीन को खाली कराया जा सके।
कुछ लेखपालों ने तेजी दिखाते हुए भूमाफियाओं की सूची तो बनाई किंतु सूची बनाने में भेदभाव करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल सूची बनाने में भेदभाव कर रहे हैं। दबाव अथवा सुविधा शुल्क के चलते पहुंच वाले भूमाफियाओं को सूची से बाहर रखा गया है। जिसके पास रहने तक का ठिकाना नही हैं उन्ही गरीबों को सूची में भूमाफिया दिखा दिया गया है। इस संबंध में तहसीलदार रामजीत मौर्य ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। यदि सूची में भेदभाव किया गया तो कठोर कार्यवायी की जाएगी। कोई भी चाहे जितना पहुंच वाला हो कार्यवाई से नहीं बचेगा। बता दें कि तहसील क्षेत्र में नाली, चकरोड, तालाब , खलिहान, पंचायत भवन,विद्यालय यहां तक कि देवस्थान की जमीन पर अस्थायी कब्जा से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक जमीनों पर स्थायी कब्जा हटाने की लंबी प्रक्रिया के चलते दर्जनों मामले तहसील न्यायालय में लंबित हैं।
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कुछ लेखपालों ने तेजी दिखाते हुए भूमाफियाओं की सूची तो बनाई किंतु सूची बनाने में भेदभाव करने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल सूची बनाने में भेदभाव कर रहे हैं। दबाव अथवा सुविधा शुल्क के चलते पहुंच वाले भूमाफियाओं को सूची से बाहर रखा गया है। जिसके पास रहने तक का ठिकाना नही हैं उन्ही गरीबों को सूची में भूमाफिया दिखा दिया गया है। इस संबंध में तहसीलदार रामजीत मौर्य ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। यदि सूची में भेदभाव किया गया तो कठोर कार्यवायी की जाएगी। कोई भी चाहे जितना पहुंच वाला हो कार्यवाई से नहीं बचेगा। बता दें कि तहसील क्षेत्र में नाली, चकरोड, तालाब , खलिहान, पंचायत भवन,विद्यालय यहां तक कि देवस्थान की जमीन पर अस्थायी कब्जा से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक जमीनों पर स्थायी कब्जा हटाने की लंबी प्रक्रिया के चलते दर्जनों मामले तहसील न्यायालय में लंबित हैं।
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