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लि की सात स्वास्थ्य इकाईयों को कायाकल्प अवार्ड -जिलाधिकारी
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने बताया कि बेहतर कार्य के बल पर कायाकल्प अवार्ड योजना अंतर्गत जिले की सात स्वास्थ्य इकाइयों को प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। यह पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। हालांकि परिवार कल्याण कार्यक्रम की भौतिक समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ, चील्ह, विजयपुर तथा कछवां की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी तिवारी ने जिलाधिकारी अनुराग पटेल को जानकारी देते हुए बताया कि कायाकल्प अवार्ड योजना के अंतर्गत पुरस्कार के लिये चयनित हुई स्वास्थ्य इकाइयों में जिला मंडलीय चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय का स्कोर प्रदेश में क्रमश: 74.2 व 70.6 पर रहा। इन दोनों चिकित्सालयों को तीन- तीन लाख रू. की धनराशि पुरस्कार के रूप में आवंटित की गई है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार को दो लाख, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार को 50 हजार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरसंडी को दो लाख, चील्ह एवं विजयपुर को 50-50 हजार रुपये की धनराशि से पुरस्कृत किया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया तो वहीं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में 95 प्रतिशत की प्रगति बतायी गई। परिवार कल्याण कार्यक्रम की भौतिक समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजगढ, चील्ह, विजयपुर तथा कछंवा की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। समीक्षा बैठक में पीएमएमवीवाई, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी एक्ट1994 का क्रियान्वयन, टीकाकरण की प्रगति, वेक्टर जनित रोग,एम्बुलेन्स सेवाओं की स्थिति, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग, आदि कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बिंदुवार की गयी जिसमें प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी तिवारी ने जिलाधिकारी अनुराग पटेल को जानकारी देते हुए बताया कि कायाकल्प अवार्ड योजना के अंतर्गत पुरस्कार के लिये चयनित हुई स्वास्थ्य इकाइयों में जिला मंडलीय चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय का स्कोर प्रदेश में क्रमश: 74.2 व 70.6 पर रहा। इन दोनों चिकित्सालयों को तीन- तीन लाख रू. की धनराशि पुरस्कार के रूप में आवंटित की गई है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार को दो लाख, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार को 50 हजार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरसंडी को दो लाख, चील्ह एवं विजयपुर को 50-50 हजार रुपये की धनराशि से पुरस्कृत किया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया तो वहीं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में 95 प्रतिशत की प्रगति बतायी गई। परिवार कल्याण कार्यक्रम की भौतिक समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजगढ, चील्ह, विजयपुर तथा कछंवा की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। समीक्षा बैठक में पीएमएमवीवाई, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी एक्ट1994 का क्रियान्वयन, टीकाकरण की प्रगति, वेक्टर जनित रोग,एम्बुलेन्स सेवाओं की स्थिति, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग, आदि कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बिंदुवार की गयी जिसमें प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
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