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कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई है ईवीएम: डीएम
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को प्रत्याशियों व उनके प्रतिनिधियों की बैठक में डीएम ने उनको आश्वस्त किया कि मतदान के बाद सभी ईवीएम मशीनों को सीआरपीएफ की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा गया गया है। किसी प्रकार की धांधली नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम रखने के बाद स्ट्रांग रूम को राजनीतिक दलों के अभिकर्ताओं की उपस्थिति में सील किया गया तथा सील पर उपस्थित अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर भी हैं। वहां पर स्वयं मैं या पुलिस अधीक्षक भी नहीं जा सकते। बताया कि प्रतिदिन कम से कम एक बार स्ट्रांग रूम के बाहर निरीक्षण के लिये जाना होता है परंतु वहीं तक जहां तक सीसी कैमरा लगा है। निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से मतगणना होगी। उन्होंने बताया कि चार कैटेगरी की ईवीएम मशीन भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग कक्षों में सील किया गया है। बताया कि ए कैटगरी वे मशीन हैं जो मतदान के लिये प्रयोग की गयी है तथा बी कैटेगरी के वे मशीन है जो मतदान के दौरान जो खराब हो गयी थी। इन दोनों को स्ट्रांग रूम में सील किया गया है। इसके अलावा सी कैटेगरी की वे मशीनें हैं जो मतगणना के पूर्व जांच के दौरान खराब पाई गयी थी तथा डी कैटगरी के वे मशीनें है, जिन मशीनों को मतगणना के दिन जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुपर जोनल मजिस्ट्रेट को दिया गया था तथा रिजर्व में रखी गयी थी, ताकि यदि कहीं मशीनें खराब हो तो वहां पर तत्काल बदला जा सके। साथ ही कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिये प्रयोग में लायी गयी मशीने भी डी कैटगरी में है जिसे भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार 100 से 200 मीटर दूर स्ट्रांग रूम से दूर दूसरे कमरे में सील कर रखा गया है। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि वे चाहे तो अपना एक-एक अभिकर्ता भी स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी के लिये अनुमति लेकर रख सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मतगणना पूरी पारदर्शिता के साथ करायी जायेगी किसी भी प्रकार की गडबडी नहीं होने दी जायेगी।
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जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम रखने के बाद स्ट्रांग रूम को राजनीतिक दलों के अभिकर्ताओं की उपस्थिति में सील किया गया तथा सील पर उपस्थित अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर भी हैं। वहां पर स्वयं मैं या पुलिस अधीक्षक भी नहीं जा सकते। बताया कि प्रतिदिन कम से कम एक बार स्ट्रांग रूम के बाहर निरीक्षण के लिये जाना होता है परंतु वहीं तक जहां तक सीसी कैमरा लगा है। निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से मतगणना होगी। उन्होंने बताया कि चार कैटेगरी की ईवीएम मशीन भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग कक्षों में सील किया गया है। बताया कि ए कैटगरी वे मशीन हैं जो मतदान के लिये प्रयोग की गयी है तथा बी कैटेगरी के वे मशीन है जो मतदान के दौरान जो खराब हो गयी थी। इन दोनों को स्ट्रांग रूम में सील किया गया है। इसके अलावा सी कैटेगरी की वे मशीनें हैं जो मतगणना के पूर्व जांच के दौरान खराब पाई गयी थी तथा डी कैटगरी के वे मशीनें है, जिन मशीनों को मतगणना के दिन जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुपर जोनल मजिस्ट्रेट को दिया गया था तथा रिजर्व में रखी गयी थी, ताकि यदि कहीं मशीनें खराब हो तो वहां पर तत्काल बदला जा सके। साथ ही कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिये प्रयोग में लायी गयी मशीने भी डी कैटगरी में है जिसे भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार 100 से 200 मीटर दूर स्ट्रांग रूम से दूर दूसरे कमरे में सील कर रखा गया है। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि वे चाहे तो अपना एक-एक अभिकर्ता भी स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी के लिये अनुमति लेकर रख सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मतगणना पूरी पारदर्शिता के साथ करायी जायेगी किसी भी प्रकार की गडबडी नहीं होने दी जायेगी।
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