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नील गाय से किसान उबर नहीं पाए, छुट्टा मवेशी बने मुसीबत
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:08 AM IST
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सीखड़/शेरवां। क्षेत्र में नीलगाय की समस्या से किसान उबर नहीं पाए थे कि इन दिनों छुट्टा मवेशी परेशानी का सबब बने हुए हैं। सैकड़ों पशुओं के अलग-अलग झुंड खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर रहे हैं। धान, मटर, सरसों, टमाटर, गोभी आदि की खेती कर रहे किसानों को रात भर जगकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। सब्जियों के साथ ही बोई फसल मौका मिलते ही नुकसान पहुंचाया जा रहा है। छुट्टा मवेशियों एवं नीलगाय के आतंक से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान महेश्वर पाठक, जितेंद्र सिंह, अनिल सिंह, दिनेश सिंह, उमेश पांडेय, रामाश्रय त्रिपाठी, प्रमोद सिंह, राजेश त्रिपाठी, भागवत सिंह, चंद्रशेखर पांडेय, विजयी सिंह, जगदीश सिंह, अतुलमान सिंह आदि किसानों ने प्रशासन से तत्काल छुट्टा पशुओं और नीलगाय से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। यही हालत धान के कटोरे के नाम से विख्यात ब्लाक जमालपुर क्षेत्र की है। यहां छुट्टा पशुओं एवं नील गायों के आतंक से किसान परेशान हैं। कटाई के लिए तैयार धान की फसल को नीलगाय और छुट्टा पशु रौंद रहे हैं। किसानों की खून-पसीने की कमाई बर्बाद हो रही है। क्षेत्र के किसान मंगला प्रसाद, प्रभात श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, रामकिशुन सिंह यादव, महेंद्र नाथ, सुभाष सिंह, ऋषि सिंह, सतीश दूबे, श्रीकांत द्विवेदी, रमेश चंद्र सिंह, रामआसरे यादव, संतोष चौबे, दीपू चौबे आदि ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए कारगर उपाय करने की मांग की है।
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