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खामियां मिलने पर स्वाधार आमघाट को कराया बंद
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:48 AM IST
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मिर्जापुर। मुजफ्फरपुर की तरह देवरिया स्थित सुधार गृह में घिनौना कांड उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल के निर्देश पर जिला प्रोवेशन अधिकारी अमरेंद्र पोत्सायन ने सोमवार को जिले के दो स्वाधार गृहों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आमघाट स्थित स्वाधार गृह में खामियां मिलने पर उसे तत्काल बंद करा दिया।
जिला प्रोवेशन अधिकारी अमरेंद्र पोत्सायन ने आमघाट स्थित स्वाधार गृह का निरीक्षण किया। यहां आवासीय, भोजन, बिजली, पेयजल से संबंधित शिकायतें मिलीं। पर्याप्त संख्या में कर्मचारी भी नहीं मिले। प्रोवेशन अधिकारी ने खामियों पर नाराजगी जताई और स्वाधार गृह में एक मात्र मानसिक रोगी महिला को मड़िहान स्थित स्वाधार गृह में स्थानांतरित करा दिया। उन्होंने खामियों को देखते हुए आमघाट स्थित स्वाधार गृह को बंद करा दिया।
इसके बाद उन्होंने पक्का पोखरा स्थित ज्ञानोदय बाल-बालिका गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 18 किशोरियां आवासित मिली। निरीक्षण के दौरान खानपान, आवास आदि की व्यवस्था दुरुस्त मिली। प्रोवेशन अधिकारी ने यहां रखी गईं किशोरियों से बातचीत करके व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। किशोरियों ने कुछ व्यक्तिगत समस्याएं बताई जिसका निराकरण के लिए उन्होंने तत्काल एक महिला काउंसलर की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर के बाद देवरिया स्थित सुधार गृह में घिनौने हरकत की घटना उजागर होने और छापे के दौरान उसमें रह रही 42 में 18 बालिकाओं के लापता होने के मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। इस मामले को देखते हुए उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अपने जिले के सुधार गृहों का निरीक्षण स्थित से अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
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जिला प्रोवेशन अधिकारी अमरेंद्र पोत्सायन ने आमघाट स्थित स्वाधार गृह का निरीक्षण किया। यहां आवासीय, भोजन, बिजली, पेयजल से संबंधित शिकायतें मिलीं। पर्याप्त संख्या में कर्मचारी भी नहीं मिले। प्रोवेशन अधिकारी ने खामियों पर नाराजगी जताई और स्वाधार गृह में एक मात्र मानसिक रोगी महिला को मड़िहान स्थित स्वाधार गृह में स्थानांतरित करा दिया। उन्होंने खामियों को देखते हुए आमघाट स्थित स्वाधार गृह को बंद करा दिया।
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इसके बाद उन्होंने पक्का पोखरा स्थित ज्ञानोदय बाल-बालिका गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 18 किशोरियां आवासित मिली। निरीक्षण के दौरान खानपान, आवास आदि की व्यवस्था दुरुस्त मिली। प्रोवेशन अधिकारी ने यहां रखी गईं किशोरियों से बातचीत करके व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। किशोरियों ने कुछ व्यक्तिगत समस्याएं बताई जिसका निराकरण के लिए उन्होंने तत्काल एक महिला काउंसलर की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर के बाद देवरिया स्थित सुधार गृह में घिनौने हरकत की घटना उजागर होने और छापे के दौरान उसमें रह रही 42 में 18 बालिकाओं के लापता होने के मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। इस मामले को देखते हुए उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अपने जिले के सुधार गृहों का निरीक्षण स्थित से अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद सक्रिय हुए जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
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