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नगर पंचायत में नहीं है कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:56 AM IST
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कछवां। आदर्श नगर पंचायत कछवां के कुल वार्डो की आबादी 15923 हजार है। यहां साफ सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। कारण कि यहां कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं। सड़क किनारे फेके कूड़े से उठ रहे दुर्गन्ध व जिम्मेदारों की चुप्पी से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के बाईस सौ 55 घरों से प्रतिदिन करीब 15 टन कूड़ा निकलता है। कोई ठोस उपाय नगर पंचायत द्वारा अभी तक नहीं किया जा सका। इन कूड़ों को प्रतिदिन उठाकर नगर के थाना वार्ड,परेड वार्ड, तेगबहादुर वार्ड में फेका जाता था। अब वहां स्थान खाली न होने से अब थाना चौराहे के पं.रामकिंकर पार्क के सामने सड़क के किनारे फेंक दिया जाता है। इससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के मोहल्ले में रहने वाले लोग जहां प्रभावित होते हैं वहीं गुजर रहे राहगीरों को दुर्गन्ध का सामाना करना पड़ता है। नगर पंचायत द्वारा कूड़े के निस्तारण का कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाया गया। नगर में स्वच्छता अभियान के तहत जगह-जगह डस्टबिन भी रखा गया है परंतु लोग उसमें कूड़ा न फेंककर अगल-बगल फेंक देते हैं। इससे सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। गली मोहल्ले से कूड़ा सफाई कर्मचारियों द्वारा एकत्र कर ट्रैक्टर द्वारा नगर के बाहर सड़कों पर फेंक दिया जाता हैं। जहां छुट्टा पशुओं द्वारा अपना भोजन तलाशने के चक्कर में कूड़े-कचरे को दूर-दूर तक फैला दिया जाता है। इससे सड़क पर आने जाने वालों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। वही कृश्चियन हास्पिटल से लेकर नगर कार्यालय तक सड़क के दोनो तरफ मीट और मछली बेचने वाले गंदगी फैला दिया जाता है। रोड से गुजरने वाले राहगीर भी नाक पर रुमाल डाल कर चलने को मजबूर हैं। तेगबहादुर वार्ड की सभासद वंदना सिंह ने बोर्ड की बैठक में लिखित रुप से चेयरमैन व इओ सौंपा था। अभी तक पटरियों पर अतिक्रमण कर मीट, मांस व मछलियों की दुकानें कहीं शिप्ट नहीं कराई गई। चेयरमैन पनधारी कुमार यादव ने कहा कि बोर्ड की बैठक में यह मुद्दा उठा था। उन्होंने कहा कि दुकान के लिए जगह चयन की प्रक्रिया हो रही है जल्द ही उनको पटरियों पर से हटाया जाएगा। कूडा निस्तारण के लिए उन्होंने भाड़े पर जमीन भाड़े पर लेकर निस्तारण कराए जाने की बात कही है।
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नगर के बाईस सौ 55 घरों से प्रतिदिन करीब 15 टन कूड़ा निकलता है। कोई ठोस उपाय नगर पंचायत द्वारा अभी तक नहीं किया जा सका। इन कूड़ों को प्रतिदिन उठाकर नगर के थाना वार्ड,परेड वार्ड, तेगबहादुर वार्ड में फेका जाता था। अब वहां स्थान खाली न होने से अब थाना चौराहे के पं.रामकिंकर पार्क के सामने सड़क के किनारे फेंक दिया जाता है। इससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के मोहल्ले में रहने वाले लोग जहां प्रभावित होते हैं वहीं गुजर रहे राहगीरों को दुर्गन्ध का सामाना करना पड़ता है। नगर पंचायत द्वारा कूड़े के निस्तारण का कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाया गया। नगर में स्वच्छता अभियान के तहत जगह-जगह डस्टबिन भी रखा गया है परंतु लोग उसमें कूड़ा न फेंककर अगल-बगल फेंक देते हैं। इससे सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। गली मोहल्ले से कूड़ा सफाई कर्मचारियों द्वारा एकत्र कर ट्रैक्टर द्वारा नगर के बाहर सड़कों पर फेंक दिया जाता हैं। जहां छुट्टा पशुओं द्वारा अपना भोजन तलाशने के चक्कर में कूड़े-कचरे को दूर-दूर तक फैला दिया जाता है। इससे सड़क पर आने जाने वालों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। वही कृश्चियन हास्पिटल से लेकर नगर कार्यालय तक सड़क के दोनो तरफ मीट और मछली बेचने वाले गंदगी फैला दिया जाता है। रोड से गुजरने वाले राहगीर भी नाक पर रुमाल डाल कर चलने को मजबूर हैं। तेगबहादुर वार्ड की सभासद वंदना सिंह ने बोर्ड की बैठक में लिखित रुप से चेयरमैन व इओ सौंपा था। अभी तक पटरियों पर अतिक्रमण कर मीट, मांस व मछलियों की दुकानें कहीं शिप्ट नहीं कराई गई। चेयरमैन पनधारी कुमार यादव ने कहा कि बोर्ड की बैठक में यह मुद्दा उठा था। उन्होंने कहा कि दुकान के लिए जगह चयन की प्रक्रिया हो रही है जल्द ही उनको पटरियों पर से हटाया जाएगा। कूडा निस्तारण के लिए उन्होंने भाड़े पर जमीन भाड़े पर लेकर निस्तारण कराए जाने की बात कही है।
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