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चुनार पुल चालू होने से राह ही आसान
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:48 PM IST
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चुनार पुल चालू होने के बाद जाते लोग
चुनार। पक्का पुल से आवागमन शुरू होने के बाद से क्षेत्रवासियों एवं दूर दराज से आने जाने वाले लोगों को काफी राहत महसूस होने लगी है। गंगा में पक्के पुल का निर्माण हो जाने से वाराणसी, कछवां, भदोही सहित इलाके के लोगों को अब बारिश के चार महीने में भी आवागमन में समय की बाध्यता व मजबूरी नहीं रहेगी। हालांकि चार पहिया वाहन को आवागमन के लिए एक अगस्त तक इंतजार करना होगा।
बारिश और बाढ़ आने पर मोटरबोट का परिचालन बंद कर दिए जाने से क्षेत्र से नगर के स्कूल कालेज में छात्र छात्राएं नहीं पहुंच पाते थे जिससे उनका पठन-पाठन बाधित होता था। साथ ही नगर के व्यवसायियों को भी काफी सहूलियत हुई है। व्यापारी कम दूरी तय कर कम समय में वाराणसी से बाजार कर देर रात्रि तक वापस आ सकते हैं जबकि पहले पक्का पुल शुरू होने से पूर्व उन्हें वाराणसी से बाजार कर स्टीमर परिचालन बंद हो जाने की डर से शाम ढलने से पूर्व वापसी करनी पडती थी या फिर लंबी दूरी तय कर वापस होना पड़ता था। पुल के कारण इलाके के लोग अब सीधे वाराणसी व अन्य क्षेत्रों से जुड गए हैं। लोगों को अब तहसील मुख्यालय पर आने जाने में भी भारी सहूलियत हुई है। निगम के अवर अभियंता दीनबंधु लाल ने बताया कि एक अगस्त से चार पहिया वाहनों का भी पुल से आवागमन शुरू हो जाएगा।
कोट
- मगरहां निवासी दिवाकर सिंह का कहना है कि गंगा में पक्का पुल का बनना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आवागमन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों काफी सहूलियत हुई है। अब रात में भी आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
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- मुंदीपुर निवासी आशीष कुमार तिवारी का कहना है कि पुल से बाइक के साथ ही यदि चार पहिया का आवागमन शुरू हो जाय तो लोगों को गंगाघाट से ही वाराणसी में आने जाने के लिए सुविधा मुहैया आसानी से हो जाएगी।
- बरगवां निवासी रणजीत का कहना है कि पक्का पुल से आवागमन शुरू होने ने क्षेत्र नगर का विकास होगा। बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। लोग पुल के पास जीविकोपार्जन के लिए खानपान की दुकान आदि खोल सकते हैं।
- जमालपुर माफी निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि पक्का पुल से आवागमन शुरू होने से पूर्व आए दिन तेज हवा के चलते गंगा में चलाए जा रहे मोटरबोट को बंद कर दिया जाता था जिससे लोगों को दिक्कतें होती थीं। अब उससे भी निजात मिल गई।
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बारिश और बाढ़ आने पर मोटरबोट का परिचालन बंद कर दिए जाने से क्षेत्र से नगर के स्कूल कालेज में छात्र छात्राएं नहीं पहुंच पाते थे जिससे उनका पठन-पाठन बाधित होता था। साथ ही नगर के व्यवसायियों को भी काफी सहूलियत हुई है। व्यापारी कम दूरी तय कर कम समय में वाराणसी से बाजार कर देर रात्रि तक वापस आ सकते हैं जबकि पहले पक्का पुल शुरू होने से पूर्व उन्हें वाराणसी से बाजार कर स्टीमर परिचालन बंद हो जाने की डर से शाम ढलने से पूर्व वापसी करनी पडती थी या फिर लंबी दूरी तय कर वापस होना पड़ता था। पुल के कारण इलाके के लोग अब सीधे वाराणसी व अन्य क्षेत्रों से जुड गए हैं। लोगों को अब तहसील मुख्यालय पर आने जाने में भी भारी सहूलियत हुई है। निगम के अवर अभियंता दीनबंधु लाल ने बताया कि एक अगस्त से चार पहिया वाहनों का भी पुल से आवागमन शुरू हो जाएगा।
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कोट
- मगरहां निवासी दिवाकर सिंह का कहना है कि गंगा में पक्का पुल का बनना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आवागमन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों काफी सहूलियत हुई है। अब रात में भी आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
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- मुंदीपुर निवासी आशीष कुमार तिवारी का कहना है कि पुल से बाइक के साथ ही यदि चार पहिया का आवागमन शुरू हो जाय तो लोगों को गंगाघाट से ही वाराणसी में आने जाने के लिए सुविधा मुहैया आसानी से हो जाएगी।
- बरगवां निवासी रणजीत का कहना है कि पक्का पुल से आवागमन शुरू होने ने क्षेत्र नगर का विकास होगा। बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। लोग पुल के पास जीविकोपार्जन के लिए खानपान की दुकान आदि खोल सकते हैं।
- जमालपुर माफी निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि पक्का पुल से आवागमन शुरू होने से पूर्व आए दिन तेज हवा के चलते गंगा में चलाए जा रहे मोटरबोट को बंद कर दिया जाता था जिससे लोगों को दिक्कतें होती थीं। अब उससे भी निजात मिल गई।