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समाजवादी पेंशन के लिए अपात्रों का चयन
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:59 AM IST
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मिर्जापुर। समाजवादी पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला सामने आया है। अफसरों और जन प्रतिनिधियों ने नियम-कानून को ताक पर रखकर अपने चहेतों को पेशन दिला दी जबकि तमाम पात्र अभ्यर्थी अर्जी लेकर भटकते रहे। जांच में 9980 अपात्र पाए गए हैं, जो लगातार पेंशन लेते रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अखिलेश सरकार द्वारा शुरू की गई समाजवादी पेंशन पर रोक लगा दी थी औ जांच के आदेश दिए थे। जांच ॅमहीने भर में पूरी करके रिपोर्ट देनी थी। जानकारों का कहना है कि योगी सरकार पेंशन के स्वरूप और पेंशन राशि बढ़ाने पर विचार कर रही है। पेंशन के रूप में 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर एक हजार रुपये महीने की करने की योजना है। एक लाख 17 हजार 14 लाभार्थियों को पेंशन दी जा रही थी। जांच के दौरान इसमें से 583 लाभार्थी ऐसे पाए गए है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 9980 लाभार्थी अपात्र पाए गए।
नियमानुसार हर गांव में केवल 10 फीसदी आबादी को ही पेंशन योजना का लाभ दिया जा सकता है। ग्राम प्रधानों ने अफसरों से मिलीभगत करके इस नियम की धज्जी उड़ाई। जमालपुर ब्लॉक में 14 हजार 987 लाभार्थियों में से हजारों अपात्र लाभार्थियों को पेंशन मिल रहा थी। एडीओ समाज कल्याण सदानंद प्रसाद ने बताया कि योजना में बहुत अनियमितता है, जांच भी ठीक ढंग से नहीं की गई है। तहसील की जांच सीधे जिले को भेज दी गई है। लालगंज में 6641 लाभार्थियों का चयन किया गया, जिसमें से 64 मृतक और 844 लाभार्थी अपात्र हैं। सीखड़ ब्लॉक में 2626 लाभार्थियों का चयन पेंशन के लिए किया गया। पटेहरा ब्लॉक में 52 सौ लाभार्थियों में से टीम ने जांच के दौरान 40 प्रतिशत लाभार्थियों को अपात्र पाया था।हलिया में कुल 12791 लोगों को पात्र मान कर पेंशन दिया जा रहा था। सत्यापन के बाद 1975 लोग अपात्र पाये गए।
नियमानुसार हर गांव में केवल 10 फीसदी आबादी को ही पेंशन योजना का लाभ दिया जा सकता है। ग्राम प्रधानों ने अफसरों से मिलीभगत करके इस नियम की धज्जी उड़ाई। जमालपुर ब्लॉक में 14 हजार 987 लाभार्थियों में से हजारों अपात्र लाभार्थियों को पेंशन मिल रहा थी। एडीओ समाज कल्याण सदानंद प्रसाद ने बताया कि योजना में बहुत अनियमितता है, जांच भी ठीक ढंग से नहीं की गई है। तहसील की जांच सीधे जिले को भेज दी गई है। लालगंज में 6641 लाभार्थियों का चयन किया गया, जिसमें से 64 मृतक और 844 लाभार्थी अपात्र हैं। सीखड़ ब्लॉक में 2626 लाभार्थियों का चयन पेंशन के लिए किया गया। पटेहरा ब्लॉक में 52 सौ लाभार्थियों में से टीम ने जांच के दौरान 40 प्रतिशत लाभार्थियों को अपात्र पाया था।हलिया में कुल 12791 लोगों को पात्र मान कर पेंशन दिया जा रहा था। सत्यापन के बाद 1975 लोग अपात्र पाये गए।
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