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शिघ्र शुरू होगा भटौली व चुनार पुल से आवागमन
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:12 AM IST
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मिर्जापुर। ग्यारह साल से बन रहे भटौली घाट व चुनार घाट पुल पर अगले साल से यातायात शुरू हो जाएगा। भटौली पुल मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। सूबे में सत्ता परिवर्तन के चलते इन पुलों के निर्माण में रुकावटें आती रही हैं। अब पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भटौली पुल अगले वर्ष मार्च में और चुनार पुल जून में यातायात शुरू करने की तैयारी है।
प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अक्टूबर 2006 में भटौली घाट के पुल का नींव रखी थी। वहीं चुनार क्षेत्र के बालू घाट पर पुल का शिलान्यास फरवरी 2007 में किया गया। सपा सरकार अपने कार्यकाल के दौरान दोनों पुलों का काम पूरा नहीं कर पाई। उसके बाद बनीं प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने दोनों पुलों को तरजीह नहीं दी। समाजवादी पार्टी 2012 में सत्ता में लौटी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पुलों के निर्माण पर जोर दिया। इस बीच जल परिवहन के चलते पुलों की ऊंचाई बढ़ाया जाने लगा, जिससे काम काफी समय तक रुका रहा। भटौली पुल का निर्माण कार्य 87 फीसदी पूरा हो गया है। चुनार पुल का निर्माण कार्य 83 फीसदी हो चुका है। मगर गंगा में पानी बढ़ने के कारण काम रुक गया है। पानी के उतरने बाद काम तेजी से पूरा किया जाएगा। पुलों का कुछ हिस्सा लोक निर्माण विभाग और कुछ सेतु निगम को बनाना था लेकिन अब सारा जिम्मा सेतु निगम को ही सौंप दिया गया है।
वर्जन
गंगा पुल को बनाने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगता है। जहाज के मानक के अनुसार 80 मीटर चौड़ी जगह होनी चाहिए। लिहाजा भटौली पुल के दो पिलरों के बीच 110 मीटर व अन्य दो पिलरों के बीच 82 मीटर की दूरी बनाई गई है। चुनार के दो पिलरों के बीच 125 मीटर व अन्य दो पिलरों के बीच 82.12 मीटर अंतर रखा जा रहा है। पिलर मार्च में भटौली पुल व जून में चुनार पुल को पूर्ण कर लिया जाएगा।-अरुण कुमार सिंह, उप परियोजना प्रबंधक
प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अक्टूबर 2006 में भटौली घाट के पुल का नींव रखी थी। वहीं चुनार क्षेत्र के बालू घाट पर पुल का शिलान्यास फरवरी 2007 में किया गया। सपा सरकार अपने कार्यकाल के दौरान दोनों पुलों का काम पूरा नहीं कर पाई। उसके बाद बनीं प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने दोनों पुलों को तरजीह नहीं दी। समाजवादी पार्टी 2012 में सत्ता में लौटी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पुलों के निर्माण पर जोर दिया। इस बीच जल परिवहन के चलते पुलों की ऊंचाई बढ़ाया जाने लगा, जिससे काम काफी समय तक रुका रहा। भटौली पुल का निर्माण कार्य 87 फीसदी पूरा हो गया है। चुनार पुल का निर्माण कार्य 83 फीसदी हो चुका है। मगर गंगा में पानी बढ़ने के कारण काम रुक गया है। पानी के उतरने बाद काम तेजी से पूरा किया जाएगा। पुलों का कुछ हिस्सा लोक निर्माण विभाग और कुछ सेतु निगम को बनाना था लेकिन अब सारा जिम्मा सेतु निगम को ही सौंप दिया गया है।
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वर्जन
गंगा पुल को बनाने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगता है। जहाज के मानक के अनुसार 80 मीटर चौड़ी जगह होनी चाहिए। लिहाजा भटौली पुल के दो पिलरों के बीच 110 मीटर व अन्य दो पिलरों के बीच 82 मीटर की दूरी बनाई गई है। चुनार के दो पिलरों के बीच 125 मीटर व अन्य दो पिलरों के बीच 82.12 मीटर अंतर रखा जा रहा है। पिलर मार्च में भटौली पुल व जून में चुनार पुल को पूर्ण कर लिया जाएगा।-अरुण कुमार सिंह, उप परियोजना प्रबंधक
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