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मिर्जापुर: पेयजल संकट से जूझ रहे हैं मड़िहान के 150 गांव
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मड़िहान। गर्मी अभी शुरु भी नहीं हुई कि पेयजल संकट शुरु हो गया। तहसील क्षेत्र में भू-गर्भ जलस्तर तेजी से खिसक रहा है। जिसकी वजह से मड़िहान कस्बा समेत तहसील क्षेत्र के डेढ़ सौ गांवो के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। तहसील, थाना, अस्पताल आदि सरकारी कार्यालय परिसर में पानी की समस्या गंभीर हो गयी है। कर्मचारियों के लिए डिब्बाबंद पानी सहारा बना हुआ है।
पानी की व्यवस्था में कर्मचारी सुबह से लोग भटकने लगते हैं। तहसील परिसर व अस्पताल का ओवर हेड टैंक शो-पीस बनकर रह गया। पानी का अभाव होने से सड़क पर नाश्ते की दुकानें बंद होने लगी हैं। चापाकल के बोर में चल रहा सबमर्सिबल पंप पानी छोड़ चुके हैं। इन दिनों अस्पताल परिसर में पानी के लिए स्वास्थ्य कर्मी सबसे अधिक संकट से जूझ रहे हैं। एएनएम सेंटर में अंडरट्रेनिंग 60 स्टूडेंट्स पेयजल का काम 20 रुपये लीटर से चला रहे हैं। अस्पताल निरीक्षण के दौरान पेयजल संकट के बारे में डिप्टी सीएम को अवगत कराया गया था। परिसर में तत्काल पेयजल की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी व मुख्यविकास अधिकारी को निर्देशित किया गया। लेकिन पाँच दिन बीत जाने के बाद भी लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार राय ने बताया कि परिसर में एक बोर से रुक-रुक कर पानी आ रहा है। पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात हैं। लगातार दोहन से जमीन के अन्दर जल स्तर खिसक रहा है।शेरुआ, सितलगढ़, सोनौहा, कुशमहा, गोपलपुर, बेदौली, जुड़िया, बगहवा, कलवारी, रैकरा, सिरसी, सरसवां, पटेहरा, हसरा, खचहा, देवरी, मलुआ, करौदा, राजापुर, ढेकवाह, ककरद, खनवर मझारी, पड़रिया, मड़रिया, पथरौर, देवरी उत्तर, बेलहरा, बहुती, हड़ौरा, हरदी, गुलालपुर समेत लगभग डेढ़ सौ गांवो में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। समस्या से निजात पाने के लिए टैंकर से पानी पहुँचाने की मांग ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही है। उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि गहरी बोल के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। तब तक टैंकर से काम चलाया जाएगा।
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पानी की व्यवस्था में कर्मचारी सुबह से लोग भटकने लगते हैं। तहसील परिसर व अस्पताल का ओवर हेड टैंक शो-पीस बनकर रह गया। पानी का अभाव होने से सड़क पर नाश्ते की दुकानें बंद होने लगी हैं। चापाकल के बोर में चल रहा सबमर्सिबल पंप पानी छोड़ चुके हैं। इन दिनों अस्पताल परिसर में पानी के लिए स्वास्थ्य कर्मी सबसे अधिक संकट से जूझ रहे हैं। एएनएम सेंटर में अंडरट्रेनिंग 60 स्टूडेंट्स पेयजल का काम 20 रुपये लीटर से चला रहे हैं। अस्पताल निरीक्षण के दौरान पेयजल संकट के बारे में डिप्टी सीएम को अवगत कराया गया था। परिसर में तत्काल पेयजल की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी व मुख्यविकास अधिकारी को निर्देशित किया गया। लेकिन पाँच दिन बीत जाने के बाद भी लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार राय ने बताया कि परिसर में एक बोर से रुक-रुक कर पानी आ रहा है। पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात हैं। लगातार दोहन से जमीन के अन्दर जल स्तर खिसक रहा है।शेरुआ, सितलगढ़, सोनौहा, कुशमहा, गोपलपुर, बेदौली, जुड़िया, बगहवा, कलवारी, रैकरा, सिरसी, सरसवां, पटेहरा, हसरा, खचहा, देवरी, मलुआ, करौदा, राजापुर, ढेकवाह, ककरद, खनवर मझारी, पड़रिया, मड़रिया, पथरौर, देवरी उत्तर, बेलहरा, बहुती, हड़ौरा, हरदी, गुलालपुर समेत लगभग डेढ़ सौ गांवो में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। समस्या से निजात पाने के लिए टैंकर से पानी पहुँचाने की मांग ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही है। उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि गहरी बोल के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। तब तक टैंकर से काम चलाया जाएगा।
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