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विभागों को भी कराना होगा जीएसटी का रजिस्ट्रेशन
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:47 AM IST
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मिर्जापुर। अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर की अध्यक्षता में विभागों में लागू होने वाले जीएसटी के बारे में जानकारी देने के लिए सभी जनपदीय अधिकारियों-आहरण वितरण अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी विमल कुमार दूबे के निर्देश के क्रम में आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग जीएसटी के अंतर्गत नियमानुसार समय से पंजीकरण करा लें।
अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर ने कहा कि यह पंजीकरण जीएसटी पोर्टल पर आरईजी-7 प्रारुप पर आन लाइन नि:शुल्क होगा। जीएसटी की जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त व्यापार कर सीमा रानी ने बताया कि जीएसटी एक जुलाई से लागू किया जा रहा है, इसके तहत विभिन्न प्रकार के सभी टैक्स को समाप्त करते हुए एक कर प्रणाली बनाई गई है। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न प्रकार के 17 टैक्स लागू था, जिसे समाप्त कर एक टैक्स का दायरा निर्धारित किया गया है। बताया कि किसी भी विभाग के द्वारा एक कांट्रैक्ट पर सप्लाई की जाती है तो और उसकी राशि ढाई लाख या उससे अधिक होगी तो उस पर दो प्रतिशत टैक्स देय होगा। इस दो प्रतिशत टैक्स से एक प्रतिशत प्रदेश सरकार तथा एक प्रतिशत केंद्र सरकार के जीएसटी खाते में जमा की जाएगी। उन्होने बताया कि सभी कार्यालयाध्यक्षों को जीएसटी पोर्टल आरईजी पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बताया कि प्रत्येक माह का विवरण दाखिला अगले माह के 10 तारीख तक जीएसटी-7 पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। रिटर्न समय से दाखिल न करने पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अर्थदंड के साथ दाखिल करना होगा। सभी विभाग को विभाग के नाम पैन या टेन होना आवश्यक है। इस दौरान सीएमओ डा. विधु गुप्ता, सीएमएस डा. ओपी शाही, व्यापार कर के सभी सहायक आयुक्त, एसओसी चकबंदी, संजय श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर, मुख्य कोषाधिकारी अमर सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर ने कहा कि यह पंजीकरण जीएसटी पोर्टल पर आरईजी-7 प्रारुप पर आन लाइन नि:शुल्क होगा। जीएसटी की जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त व्यापार कर सीमा रानी ने बताया कि जीएसटी एक जुलाई से लागू किया जा रहा है, इसके तहत विभिन्न प्रकार के सभी टैक्स को समाप्त करते हुए एक कर प्रणाली बनाई गई है। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न प्रकार के 17 टैक्स लागू था, जिसे समाप्त कर एक टैक्स का दायरा निर्धारित किया गया है। बताया कि किसी भी विभाग के द्वारा एक कांट्रैक्ट पर सप्लाई की जाती है तो और उसकी राशि ढाई लाख या उससे अधिक होगी तो उस पर दो प्रतिशत टैक्स देय होगा। इस दो प्रतिशत टैक्स से एक प्रतिशत प्रदेश सरकार तथा एक प्रतिशत केंद्र सरकार के जीएसटी खाते में जमा की जाएगी। उन्होने बताया कि सभी कार्यालयाध्यक्षों को जीएसटी पोर्टल आरईजी पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बताया कि प्रत्येक माह का विवरण दाखिला अगले माह के 10 तारीख तक जीएसटी-7 पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। रिटर्न समय से दाखिल न करने पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अर्थदंड के साथ दाखिल करना होगा। सभी विभाग को विभाग के नाम पैन या टेन होना आवश्यक है। इस दौरान सीएमओ डा. विधु गुप्ता, सीएमएस डा. ओपी शाही, व्यापार कर के सभी सहायक आयुक्त, एसओसी चकबंदी, संजय श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर, मुख्य कोषाधिकारी अमर सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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