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जन सूचना अधिकार 2015 एक क्रांतिकारी कदम: जावेद उस्मानी
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:24 PM IST
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मिर्जापुर। प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने गुरुवार को आयुक्त विंध्याचल मंडल सभागार में जिले के सभी जन सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों को जन सूचना अधिकारी निमावली 2015 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकार 2015 एक क्रांतिकारी कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र तथा राज्य व प्रशासनिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाते हुए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित कराना है।
प्रशिक्षक राजेश सिंह ने स्लाइड के माध्यम से सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के महत्व व उसके स्वरूप एवं क्रियान्वयन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी संस्था के लेटर पैड पर यदि उस संस्था के पदाधिकारी द्वारा सूचना मांगी जाती है और उस लेटर पैड पर नाम न लिखकर केवल पदनाम व अपठनीय हस्ताक्षर किया गया है तो उसे किसी भी दशा में सूचना उपलब्ध नहीं किया जा सकता है। यदि मांगे सूचना में अपने से संबन्धित विभाग से से संबन्धित सूचना नहीं है तथा किसी दूसरे विभाग से संबंधित है तो पांच दिन के अंदर उस विभाग को वह पत्र प्रेषित कर दिया जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुराग पटेल, रजिस्ट्रार राज्य सूचना आयोग जितेन्द्र मिश्रा, आयुक्त प्रशासन लालचंद, मुख्य राजस्व अधिकारी एम एम अंसारी, संयुक्त विकास आयुक्त राजीव वनकटा मिश्र, अपर जिलाधिकारी राजित राम प्रजापति समेत जनपद एवं तहसीलस्तरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।
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प्रशिक्षक राजेश सिंह ने स्लाइड के माध्यम से सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के महत्व व उसके स्वरूप एवं क्रियान्वयन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी संस्था के लेटर पैड पर यदि उस संस्था के पदाधिकारी द्वारा सूचना मांगी जाती है और उस लेटर पैड पर नाम न लिखकर केवल पदनाम व अपठनीय हस्ताक्षर किया गया है तो उसे किसी भी दशा में सूचना उपलब्ध नहीं किया जा सकता है। यदि मांगे सूचना में अपने से संबन्धित विभाग से से संबन्धित सूचना नहीं है तथा किसी दूसरे विभाग से संबंधित है तो पांच दिन के अंदर उस विभाग को वह पत्र प्रेषित कर दिया जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुराग पटेल, रजिस्ट्रार राज्य सूचना आयोग जितेन्द्र मिश्रा, आयुक्त प्रशासन लालचंद, मुख्य राजस्व अधिकारी एम एम अंसारी, संयुक्त विकास आयुक्त राजीव वनकटा मिश्र, अपर जिलाधिकारी राजित राम प्रजापति समेत जनपद एवं तहसीलस्तरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।
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