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गिरते पारे ने गलन बढ़ाई, ठंड हवाओं ने किया जीना दुस्वार
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:57 PM IST
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कोहरे में विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा करते यात्री
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मिर्जापुर। जिले में बीते शुक्रवार से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और गलन भरी ठंड से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सोमवार को पूरे दिन बदली छाई रही। मंगलवार को दूसरे दिन भी धूप नहीं हुई। तापमान लुढ़क कर न्यूनतम आठ से सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान गिरने और सर्द हवाओं के चलते से ठंड बढ़ गई है और लोग अनावश्यक घर से निकलने से बच रहे हैं। कोहरे के चलते ट्रेनें विलंब से चल रही हैं।
ठंड के चलते खासतौर से बुजुर्ग और बच्चे घरों में सिमट गए हैं। मंगलवार को दोपहर तक कोहरा छाया रहा। साथ में सर्द हवाएं चलती रहीं। ड्यूटी पर जाने वाले लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में लिपट कर निकले। गलन के चलते बाइक चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस था लेकिन मंगलवार को पारा लुढ़क कर सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंड के चलते गांवों में लोगों ने अलाव का सहारा लिया लेकिन शहर में कई चौराहों पर अलाव नहीं जलने से लोगों को चाय की दुकानों का सहारा लेना पड़ा। आने जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों ने चाय पीने के बाद भट्ठी पर हाथ सेकने के बाद जा रहे थे। ठंड के चलते पशु पक्षी भी बेहाल हैं। प्रतिदिन उछल कूद करने वाले बंदर भी ठंड से शिथिल पड़ गए हैं। गलन भरी ठंड के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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ठंड के चलते खासतौर से बुजुर्ग और बच्चे घरों में सिमट गए हैं। मंगलवार को दोपहर तक कोहरा छाया रहा। साथ में सर्द हवाएं चलती रहीं। ड्यूटी पर जाने वाले लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में लिपट कर निकले। गलन के चलते बाइक चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस था लेकिन मंगलवार को पारा लुढ़क कर सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंड के चलते गांवों में लोगों ने अलाव का सहारा लिया लेकिन शहर में कई चौराहों पर अलाव नहीं जलने से लोगों को चाय की दुकानों का सहारा लेना पड़ा। आने जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों ने चाय पीने के बाद भट्ठी पर हाथ सेकने के बाद जा रहे थे। ठंड के चलते पशु पक्षी भी बेहाल हैं। प्रतिदिन उछल कूद करने वाले बंदर भी ठंड से शिथिल पड़ गए हैं। गलन भरी ठंड के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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