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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत खारिज
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:41 AM IST
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मिर्जापुर। घर में घुसकर पढ़ते समय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सोमवार न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अभियुक्त का कृत्य गंभीर है। ऐसे में जमानत पर रिहा करने का पर्याप्त आधार नहीं है।
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के गैवीघाट निवासी रहीम पुत्र अजीमुल रहमान पर आरोप है कि शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय एक किशोरी के घर में घुसकर रात करीब 11 बजे पढ़ते समय उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 452, 376, 504,506 भादंस एवं धारा 7/8 लैगिंग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल में डाल दिया था। जिला जेल में निरुद्घ चल रहा आरोपी अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत अर्जी दिया था। जमानत का विरोध सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने पीड़िता को आजीवन शारीरिक व मानसिक आघात पहुंचाने का कार्य किया है। इसलिए वह जमानत पाने का हकदार नहीं है। न्यायालय ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के गैवीघाट निवासी रहीम पुत्र अजीमुल रहमान पर आरोप है कि शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय एक किशोरी के घर में घुसकर रात करीब 11 बजे पढ़ते समय उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 452, 376, 504,506 भादंस एवं धारा 7/8 लैगिंग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल में डाल दिया था। जिला जेल में निरुद्घ चल रहा आरोपी अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत अर्जी दिया था। जमानत का विरोध सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने पीड़िता को आजीवन शारीरिक व मानसिक आघात पहुंचाने का कार्य किया है। इसलिए वह जमानत पाने का हकदार नहीं है। न्यायालय ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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