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बैंकों में पैसा नहीं खातेधारक परेशान
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:52 PM IST
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मिर्जापुर। जिले के अधिकांश बैंकों में कैश की किल्लत के चलते बुधवार को खाताधारकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक पहुंचे लोगों को जरूरत के अनुसार रुपये नहीं मिले। वहीं जिनके यहां शादी पड़ी है उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार रुपये नहीं पर मिल पा रहे हैं। इससे बैंक की व्यवस्था को लेकर खाताधारकों ने कड़ी नाराजगी जताई। बताया गया है जिनको पैसे मिल भी रहे हैं उनको बड़ी नोटों की जगह खुदरे पैसे दिए जा रहे हैं।
जनपद में स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा, इलाहाबाद बैंक सहित लगभग 100 बैंक है। इनमें से अधिकांश बैंकों में पिछले एक माह से काफी कम कैश आ रहा है। सभी बैंकों में एक करोड़ से तीन करोड़ रुपये तक प्रतिदिन कैश आ रहा है। पहले तीन से पांच करोड़ रोजाना आते थे। इसके अलावा जो खाताधारक पैसा जमा कर रहे हैं वो मौजूद है। कम कैश आने के चलते बैंक कर्मियों को खाताधारकों को पैसा देने में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। दो हजार और पांच सौ के नोट तो जैसे बैंक से गायब ही हो गए हैं। पैसा निकालने के लिए जा रहे खाताधारकों को पांच, बीस व दस रुपये के नोट या सिक्के दिए जा रहे हैं, जिसे लोग लेने के लिए तैयार नहीं है। खाताधारकों की माने तो उनको तीन लाख रुपये निकालने हैं तो बैंक उन्हें दस के सिक्के या नोट दे रहा है जिसे लेने व ले जाने में उनको परेशानी हो रही है। बैंक से दो हजार या पांच सौ के नोट मांगने पर बैंककर्मी हाथ खड़े कर दे रहे हैं। उनका कहना है कि दो हजार और पांच सौ के नोट बैंक में नाम मात्र के आ रहे है। इसलिए खातेदारों को वितरण करने में परेशानी आ रही है।
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जनपद में स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा, इलाहाबाद बैंक सहित लगभग 100 बैंक है। इनमें से अधिकांश बैंकों में पिछले एक माह से काफी कम कैश आ रहा है। सभी बैंकों में एक करोड़ से तीन करोड़ रुपये तक प्रतिदिन कैश आ रहा है। पहले तीन से पांच करोड़ रोजाना आते थे। इसके अलावा जो खाताधारक पैसा जमा कर रहे हैं वो मौजूद है। कम कैश आने के चलते बैंक कर्मियों को खाताधारकों को पैसा देने में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। दो हजार और पांच सौ के नोट तो जैसे बैंक से गायब ही हो गए हैं। पैसा निकालने के लिए जा रहे खाताधारकों को पांच, बीस व दस रुपये के नोट या सिक्के दिए जा रहे हैं, जिसे लोग लेने के लिए तैयार नहीं है। खाताधारकों की माने तो उनको तीन लाख रुपये निकालने हैं तो बैंक उन्हें दस के सिक्के या नोट दे रहा है जिसे लेने व ले जाने में उनको परेशानी हो रही है। बैंक से दो हजार या पांच सौ के नोट मांगने पर बैंककर्मी हाथ खड़े कर दे रहे हैं। उनका कहना है कि दो हजार और पांच सौ के नोट बैंक में नाम मात्र के आ रहे है। इसलिए खातेदारों को वितरण करने में परेशानी आ रही है।
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