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जिला जज व डीएम एसपी ने जेल में मारा छापा
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मिर्जापुर। जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी अनुराग पटेल एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने संयुक्त रूप से गुरुवार को जिला जेल में छापा मारा। इस दौरान बैरक, भोजनालय, शौचालय, रहन समेत आदि को देखा। बैरक में बंद चल रहे एक-एक कैदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। डीएम के पूछने पर कैदियों द्वारा बताया गया कि उनके मुकदमे की पैरवी के लिए कोई वकील नहीं है। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे कैदियों के नाम और अपराध मुकदमा संख्या लिखकर प्रस्तुत किया जाए ताकि उनकी पैरवी के लिए अधिवक्ता को लगाया जा सके।
तीनों अधिकारियों की ओर से कैदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन को भी देखा गया, जो सही पाया गया। महिला कैदियों के बच्चों को जिला जज और डीएम द्वारा टाफी का पैकेट भी प्रदान किया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए अध्यापक द्वारा पढ़ाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल में एक टफ्टेड कंपनी से संपर्क कर इच्छुक कैदियों को कारपेट और दरी की बनाई का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है और कैदियों को मजदूरी भी मुहैया कराया जाएगा। जनपद के जेल में 716 कैदी है जिनमें 39 मिर्जापुर और 35 सोनभद्र की महिला बंदी एवं 34 किशोर कैदी निरुद्ध है। अधिकारियों द्वारा जेल के अंदर अस्पताल को भी देखा गया। भर्ती मरीजों के दवा आदि के बारे में जानकारी ली गई। जेल चिकित्सक ने बताया कि बार बार लिखने के बावजूद जेल में विगत छह माह से कोई सर्जन जांच के लिए नहीं आ रहा है। जिलाधिकारी तुरंत सीएमओ को फोन कर तत्काल एक सर्जन डाक्टर को रूटीन में भेजने का निर्देश दिया। इस दौरान पूर्व सचिव सलोनी रस्तोगी, सीएमओ डा. ओपी तिवारी, जेल अधीक्षक अनिल राय आदि मौजूद रहे।
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तीनों अधिकारियों की ओर से कैदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन को भी देखा गया, जो सही पाया गया। महिला कैदियों के बच्चों को जिला जज और डीएम द्वारा टाफी का पैकेट भी प्रदान किया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए अध्यापक द्वारा पढ़ाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल में एक टफ्टेड कंपनी से संपर्क कर इच्छुक कैदियों को कारपेट और दरी की बनाई का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है और कैदियों को मजदूरी भी मुहैया कराया जाएगा। जनपद के जेल में 716 कैदी है जिनमें 39 मिर्जापुर और 35 सोनभद्र की महिला बंदी एवं 34 किशोर कैदी निरुद्ध है। अधिकारियों द्वारा जेल के अंदर अस्पताल को भी देखा गया। भर्ती मरीजों के दवा आदि के बारे में जानकारी ली गई। जेल चिकित्सक ने बताया कि बार बार लिखने के बावजूद जेल में विगत छह माह से कोई सर्जन जांच के लिए नहीं आ रहा है। जिलाधिकारी तुरंत सीएमओ को फोन कर तत्काल एक सर्जन डाक्टर को रूटीन में भेजने का निर्देश दिया। इस दौरान पूर्व सचिव सलोनी रस्तोगी, सीएमओ डा. ओपी तिवारी, जेल अधीक्षक अनिल राय आदि मौजूद रहे।
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