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इन बातों का रखे ध्यान, नहीं होंगे ठगी का शिकार
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:11 AM IST
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मिर्जापुर। आये दिन ऐसे मामले संज्ञान में आ रहे हैं कि लोगों को फोन करके उनके बैंक अकाउंट, एटीएम का विवरण जैसे खाता संख्या, पासवर्ड, कार्ड नंबर, सीवीवी, एटीएम पिन मांग लिये जाते हैं। उसके बाद लोगों के खाते से पैसा निकल जाता है अथवा आनलाइन खरीदारी कर ली जाती है। इसके संबंध में पुलिस की ओर से सलाह गई कि कि इस तरह के फोन काल्स सरासर झूठे और फर्जी होते हैं। कभी भी किसी को अपने खाते से संबंधित कोई जानकारी किसी भी स्थिति में न दें। शंका होने पर बैंक और पुलिस से संपर्क करें।
एसपी शालिनी का कहना है कि साइबर अपराधियों करने वाले विभिन्न तरीके अपनाने है। जिसमें बैंक खाता से आधार कार्ड या नंबर उपडेट करने के बहाने, केबीसी के लकी ड्रा में नाम निकलने के बाद इनाम देने के नाम पर, फर्जी बैंक अधिकारी, फर्जी आयकर अधिकारी, एलआईसी अधिकारी या इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी पूछकर ऑनलाइन ठगी करना। एटीएम कार्ड बदलकर ठगी शामिल है। ऑनलाइन ठगी का शिकार होते ही तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसमें किसी भी प्रकार का विलंब ना करें। बैंक जाकर अथवा संबंधित बैंक के कस्टमर केयर से अपना एटीएम/नेट बैंकिंग बंद कराएं। संबंधित बैंक के कस्टमर केयर का नंबर आपके एटीएम कार्ड के पीछे तथा पासबुक पर अंकित होता है। बैंक से पीओएस/आरआर नंबर और पैसा कहां गया है, इसकी जानकारी लें।
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एसपी शालिनी का कहना है कि साइबर अपराधियों करने वाले विभिन्न तरीके अपनाने है। जिसमें बैंक खाता से आधार कार्ड या नंबर उपडेट करने के बहाने, केबीसी के लकी ड्रा में नाम निकलने के बाद इनाम देने के नाम पर, फर्जी बैंक अधिकारी, फर्जी आयकर अधिकारी, एलआईसी अधिकारी या इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी पूछकर ऑनलाइन ठगी करना। एटीएम कार्ड बदलकर ठगी शामिल है। ऑनलाइन ठगी का शिकार होते ही तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसमें किसी भी प्रकार का विलंब ना करें। बैंक जाकर अथवा संबंधित बैंक के कस्टमर केयर से अपना एटीएम/नेट बैंकिंग बंद कराएं। संबंधित बैंक के कस्टमर केयर का नंबर आपके एटीएम कार्ड के पीछे तथा पासबुक पर अंकित होता है। बैंक से पीओएस/आरआर नंबर और पैसा कहां गया है, इसकी जानकारी लें।
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