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पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर भरी हुकार
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:15 AM IST
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कलेक्ट्रेट में धरना देते राज्य कर्मचारी
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मिर्जापुर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले राज्य कर्मचारियों ने कलमबंद हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इसके अलावा जिले के सभी तहसीलों में कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया। कार्यालयों में कामकाज ठप होने की वजह से विभिन्न कार्यों से आए लोगों को लौटना पड़ा। इस दौरान चेतावनी दी कि जबतक पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की जाती है तबतक उनका आंदोलन चलता रहेगा। उधर, खाद्य नियंत्रण विभाग बंद कराने पहुंचे कर्मचारी नेताओं पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत की गई हैष
कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार व धरना के दूसरे दिन बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सदर तहसील शाखा के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र की अध्यक्षता में धरना दिया गया। आंदोलनकारियों की भीड़ से कलेक्ट्रेट परिसर पटा हुआ था। कर्मचारियों, शिक्षकों ने कहा कि वे पुरानी पेंशन बहाली के लिए हरसंभव संघर्ष करेंगे। मंच के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अब उन्हेें पुरानी पेंशन लेने से कोई रोक नहीं सकता है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष व मंच के संयोजक राजेंद्र उर्फ लल्लू तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। वे अपना अधिकार लेकर रहेंगे। समन्वयक विजय शंकर त्रिपाठी, उमाकांत मिश्र, उमा शुक्ल, उपाध्यक्ष और मंच के मीडिया प्रभारी आलोक तिवारी, राजेंद्र यादव, प्रदीप पाल, बेनू यादव, पार्थ सारथी, मनोज राय, वासुदेव पाठक, विजय शंकर त्रिपाठी, विनय श्रीवास्तव, विनोद तिवारी, धर्मेन्द्र सिंह, रमाशंकर शुक्ल, राजकुमार गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, नीलकांत पांडेय, इजहार अहमद, बब्बे मिश्रा, कमलेश्वर दूबे, सरीश सिंह, श्रीकांत पाठक ने पेंशन बहाली की मांग की। इस दौरान सत्यंवदा सिंह, सुधा सिंह, नम्रता दूबे, आरती कटियार, अमृता दूबे, गीता तिवारी, उषा देवी, सुधा रानी, दीपलता, गुंजन, सुमिता सिंह प्रमिला सिंह, मन्नो देवी, राजेश कुमार, प्रमोद गुप्ता, एकलाख, फिरोज, मनीष, रितेश, आनंद माली, सर्वेश मौर्य, सर्वेश दूबे, रविन्द्र दूबे, रमाकांत, राजनाथ तिवारी, मोहसिन, शफीक, रिजवान, सुशील यादव, प्रद्युम्न, रविंद्र वर्मा मौजूद रहे। अंत में मंच के सदस्यों ने नई पेंशन का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शित किया। कहा कि बिना पुरानी पेंशन बहाल होने तक आंदोलन चलता रहेगा। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन के अंतिम दिन पूरे जनपद के कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में उपस्थित होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
हड़ताली कर्मचारियों ने विभिन्न विभागों में जाकर कार्यालय बंद कराया। खाद्य नियंत्रण कार्यालय पहुंची कर्मचारी नेताओं ने लिपिक से कार्यालय बंद करने के लिए कहा लेकिन लिपिक ने कार्यालय बंद नहीं किया। लिपिक का आरोप है कि कुछ कर्मचारी नेताओं से उससे मारपीट की। उसने अधिकारियों से शिकायत की है।
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इनसेट
कार्यालयों में रही तालाबंदी
मिर्जापुर। जिले के सभी विभागों के संगठनों के पदाधिकारी अपने सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरने में शामिल हुए। इसके चलते कार्यालयों में तालाबंदी रही और सन्नाटा पसरा रहा। आपूर्ति विभाग, नगर मजिस्ट्रेट, विकास भवन, डीआरडीए, पंचायत राज विभाग, तहसील, कृषि, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, कलेक्ट्रेट, आरटीओ, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, ट्रेजरी, चकबंदी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, विश्व विद्यालय महासंघ, भूमि संरक्षण, कृषि विभाग, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण, चालक महासंघ, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, रजिस्ट्री आफिस, मत्स्य, वन, जल निगम, बिक्री कर कार्यालयों में ताला लगा रहा। इन विभागों के कर्मचारी धरना में शामिल हुए।
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कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार व धरना के दूसरे दिन बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सदर तहसील शाखा के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र की अध्यक्षता में धरना दिया गया। आंदोलनकारियों की भीड़ से कलेक्ट्रेट परिसर पटा हुआ था। कर्मचारियों, शिक्षकों ने कहा कि वे पुरानी पेंशन बहाली के लिए हरसंभव संघर्ष करेंगे। मंच के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अब उन्हेें पुरानी पेंशन लेने से कोई रोक नहीं सकता है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष व मंच के संयोजक राजेंद्र उर्फ लल्लू तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। वे अपना अधिकार लेकर रहेंगे। समन्वयक विजय शंकर त्रिपाठी, उमाकांत मिश्र, उमा शुक्ल, उपाध्यक्ष और मंच के मीडिया प्रभारी आलोक तिवारी, राजेंद्र यादव, प्रदीप पाल, बेनू यादव, पार्थ सारथी, मनोज राय, वासुदेव पाठक, विजय शंकर त्रिपाठी, विनय श्रीवास्तव, विनोद तिवारी, धर्मेन्द्र सिंह, रमाशंकर शुक्ल, राजकुमार गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, नीलकांत पांडेय, इजहार अहमद, बब्बे मिश्रा, कमलेश्वर दूबे, सरीश सिंह, श्रीकांत पाठक ने पेंशन बहाली की मांग की। इस दौरान सत्यंवदा सिंह, सुधा सिंह, नम्रता दूबे, आरती कटियार, अमृता दूबे, गीता तिवारी, उषा देवी, सुधा रानी, दीपलता, गुंजन, सुमिता सिंह प्रमिला सिंह, मन्नो देवी, राजेश कुमार, प्रमोद गुप्ता, एकलाख, फिरोज, मनीष, रितेश, आनंद माली, सर्वेश मौर्य, सर्वेश दूबे, रविन्द्र दूबे, रमाकांत, राजनाथ तिवारी, मोहसिन, शफीक, रिजवान, सुशील यादव, प्रद्युम्न, रविंद्र वर्मा मौजूद रहे। अंत में मंच के सदस्यों ने नई पेंशन का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शित किया। कहा कि बिना पुरानी पेंशन बहाल होने तक आंदोलन चलता रहेगा। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन के अंतिम दिन पूरे जनपद के कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में उपस्थित होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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हड़ताली कर्मचारियों ने विभिन्न विभागों में जाकर कार्यालय बंद कराया। खाद्य नियंत्रण कार्यालय पहुंची कर्मचारी नेताओं ने लिपिक से कार्यालय बंद करने के लिए कहा लेकिन लिपिक ने कार्यालय बंद नहीं किया। लिपिक का आरोप है कि कुछ कर्मचारी नेताओं से उससे मारपीट की। उसने अधिकारियों से शिकायत की है।
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कार्यालयों में रही तालाबंदी
मिर्जापुर। जिले के सभी विभागों के संगठनों के पदाधिकारी अपने सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरने में शामिल हुए। इसके चलते कार्यालयों में तालाबंदी रही और सन्नाटा पसरा रहा। आपूर्ति विभाग, नगर मजिस्ट्रेट, विकास भवन, डीआरडीए, पंचायत राज विभाग, तहसील, कृषि, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, कलेक्ट्रेट, आरटीओ, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, ट्रेजरी, चकबंदी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, विश्व विद्यालय महासंघ, भूमि संरक्षण, कृषि विभाग, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण, चालक महासंघ, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, रजिस्ट्री आफिस, मत्स्य, वन, जल निगम, बिक्री कर कार्यालयों में ताला लगा रहा। इन विभागों के कर्मचारी धरना में शामिल हुए।