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लफत में दिल है बेकरार ऐ शनाउल्लाह पिया
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:58 PM IST
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मिर्जापुुर। नगर के छोटा मिर्जापुर स्थित सिपाही बाबा के आवास पर सत्रहवां सलाना उर्स शानो शौकत के साथ मनाया गया। हजरत ख्वाजा सूफी शनाउल्लाह शाह हसनी कादरी चिश्ती अबुल उलाई जहांगीरी अलैहरहमा के उर्स के मौके पर नातिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया। सलाना उर्स में दूर दराज से आए शायरों व कौव्वालों ने एक से बढ़ कर एक कलाम पेश किये।
उर्स के मौके पर नातिया मुशायरा का शज्जादे सूफी शमसुद्दीन नूरी शनाई हसनी कादरी, हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरूद्दीन नूरी कादरी, सूफी शहाबुद्दीन नूरी कादरी, मास्टर जलालुद्दीन नूरी कादरी ने हल्कैया जिक्र फातिया के साथ नातिया मुशायरे का आगाज किया। बाहर से आए कलाकारों ने अपना कलाम पेश किया। इसमें कलीम नूरी ने उलफत में दिल है बेकरार, इश्तियाक ने कोई माने या ना माने तेरे दर पे ऐ सिपाही बाबा, मैशर भारतगंजी ने इतना प्यारा दोस्तों से सबसे है निराला चेहरा मेरे सरकार का, रहमत ने मेरे शनाउल्लाह पिया दो हमको सहारा, जावेद ने जरा पढ़के सल्ले अल्लाह या मोहम्मद जैसी एक से एक नातिया मुशायरे में कलाम पेश किया। इसके अलावा शायर मुश्ताक, मोइनुद्दीन, हाफीज रियाज, अफरोज एवं कमर ने भी जोरदार कलाम प्रस्तुत किये। हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक सिपाही बाबा के आवास पर उपस्थित भक्त एक ही रंग मे नजर आए। उर्स के मौके पर हिंदू व मुसलमान नातिया मुशायरे का लुत्फ उठाया। नातिया मुशायरा का दौर पूरी रात चलता रहा। ठंड के मौसम में भी लोग टस से मस नही हुए। कौव्वालों ने भी अपनी कौव्वाली से लोगों को अपनी जगह से उठने नही दिया। उर्स में लंगर की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। सिपाही बाबा के उर्स के मौके पर आपसी भाईचारा व अमन चैन की दुआ की गई। उर्स के मौके पर डा. बीयू अंसारी, इस्तियाक, मोहम्मद हसन सम्सी, नूर हसन, मोहम्मद हलीम, मुुश्ताक गाजीपुरी, डा. मुमताज एवं नूर हसन आदि शामिल रहे।
उर्स के मौके पर नातिया मुशायरा का शज्जादे सूफी शमसुद्दीन नूरी शनाई हसनी कादरी, हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरूद्दीन नूरी कादरी, सूफी शहाबुद्दीन नूरी कादरी, मास्टर जलालुद्दीन नूरी कादरी ने हल्कैया जिक्र फातिया के साथ नातिया मुशायरे का आगाज किया। बाहर से आए कलाकारों ने अपना कलाम पेश किया। इसमें कलीम नूरी ने उलफत में दिल है बेकरार, इश्तियाक ने कोई माने या ना माने तेरे दर पे ऐ सिपाही बाबा, मैशर भारतगंजी ने इतना प्यारा दोस्तों से सबसे है निराला चेहरा मेरे सरकार का, रहमत ने मेरे शनाउल्लाह पिया दो हमको सहारा, जावेद ने जरा पढ़के सल्ले अल्लाह या मोहम्मद जैसी एक से एक नातिया मुशायरे में कलाम पेश किया। इसके अलावा शायर मुश्ताक, मोइनुद्दीन, हाफीज रियाज, अफरोज एवं कमर ने भी जोरदार कलाम प्रस्तुत किये। हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक सिपाही बाबा के आवास पर उपस्थित भक्त एक ही रंग मे नजर आए। उर्स के मौके पर हिंदू व मुसलमान नातिया मुशायरे का लुत्फ उठाया। नातिया मुशायरा का दौर पूरी रात चलता रहा। ठंड के मौसम में भी लोग टस से मस नही हुए। कौव्वालों ने भी अपनी कौव्वाली से लोगों को अपनी जगह से उठने नही दिया। उर्स में लंगर की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। सिपाही बाबा के उर्स के मौके पर आपसी भाईचारा व अमन चैन की दुआ की गई। उर्स के मौके पर डा. बीयू अंसारी, इस्तियाक, मोहम्मद हसन सम्सी, नूर हसन, मोहम्मद हलीम, मुुश्ताक गाजीपुरी, डा. मुमताज एवं नूर हसन आदि शामिल रहे।
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