{"_id":"65c3e75e42e7a4d9230248f4","slug":"11-thousand-children-did-not-get-money-for-sweaters-and-shoes-and-socks-mirzapur-news-c-192-1-svns1033-112173-2024-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: 11 हजार बच्चों को नहीं मिले स्वेटर और जूते-मोजे के पैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: 11 हजार बच्चों को नहीं मिले स्वेटर और जूते-मोजे के पैसे
विज्ञापन
मिर्जापुर। शैक्षणिक सत्र 2023-24 समाप्त होने को है और अभी भी परिषदीय विद्यालयों के 11000 से ज्यादा विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में स्वेटर, बैग, जूता और मोजा के लिए निर्धारित 1200 रुपये नहीं भेजे गए हैं। इसके चलते इस सत्र में इन बच्चों को योजना का लाभ मिल पाने की संभावना क्षीण होती जा रही है।
जिले के 1806 परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2023-24 में 273000 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को स्वेटर, बैग, जूता और मोजा के लिए सरकार की ओर से 1200 रुपये दिए जाने की योजना है। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसमें बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में सीधे धनराशि भेजी जाती है। सभी बच्चों के लिए धनराशि का अंतरण तीन चरणों में किया जाना था। इसके लिए अभिभावकों का बैंक खाता व उनका आधार कार्ड होना अनिवार्य था। विद्यार्थी का भी आधार कार्ड होना चाहिए। इन अभिलेखों के सत्यापन के बाद निर्धारित धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है। इस बीच अभी तक 11000 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में निर्धारित धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। इसका मुख्य कारण बच्चों व उनके अभिभावकों का आधार कार्ड नहीं होना बताया जा रहा है। इसलिए उनके खाते में धनराशि अभी तक नहीं भेजी जा सकी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अनुसार विद्यार्थियों की विकास खंडवार सूची तैयार करने को कहा गया। इसमें से अभी तक 11000 बच्चों व उनके अभिभावकों के आधार कार्ड नहीं मिल सके हैं। इसलिए उनका धन उनके खाते में नहीं जा पा रहा है। सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक नीरज सिंह ने बताया कि योजना के लाभ से वंचित बच्चों के अभिभावकों के खातों में प्रतिदिन धनराशि भेजी जा रही है। 11 हजार विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित हैं, उनका आधार कार्ड ही अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
विज्ञापन
जिले के 1806 परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2023-24 में 273000 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को स्वेटर, बैग, जूता और मोजा के लिए सरकार की ओर से 1200 रुपये दिए जाने की योजना है। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसमें बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में सीधे धनराशि भेजी जाती है। सभी बच्चों के लिए धनराशि का अंतरण तीन चरणों में किया जाना था। इसके लिए अभिभावकों का बैंक खाता व उनका आधार कार्ड होना अनिवार्य था। विद्यार्थी का भी आधार कार्ड होना चाहिए। इन अभिलेखों के सत्यापन के बाद निर्धारित धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है। इस बीच अभी तक 11000 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में निर्धारित धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। इसका मुख्य कारण बच्चों व उनके अभिभावकों का आधार कार्ड नहीं होना बताया जा रहा है। इसलिए उनके खाते में धनराशि अभी तक नहीं भेजी जा सकी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अनुसार विद्यार्थियों की विकास खंडवार सूची तैयार करने को कहा गया। इसमें से अभी तक 11000 बच्चों व उनके अभिभावकों के आधार कार्ड नहीं मिल सके हैं। इसलिए उनका धन उनके खाते में नहीं जा पा रहा है। सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक नीरज सिंह ने बताया कि योजना के लाभ से वंचित बच्चों के अभिभावकों के खातों में प्रतिदिन धनराशि भेजी जा रही है। 11 हजार विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित हैं, उनका आधार कार्ड ही अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
विज्ञापन