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विभिन्न प्रजाति के 1599 दुर्लभ पक्षियों की हुई गणना
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:37 PM IST
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हलिया। कैमूर वन्य जीव अभयारण्य की ओर से शुक्रवार को मेजा जलाशय के पास बर्ड वाचिंग डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजाति के 1599 दुर्लभ पक्षियों की गणना कराई गई। इस दौरान डीएफओ ओपी सिंह ने कहा कि पक्षियों का शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों तथा स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी ओपी सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की। सुबह आठ, नौ और दस बजे तीन बार पक्षियों की गणना की गई। इसमें पन कौवा 749, सीजल 461, ओरिएंटेड डार्टर 28, बगुला 155, तोता 50, ग्रीन वीईटर 12, ह्वाइट थ्रोटेड किंगफिशर छह, रेंज वारेंट लैपिंग 13, पर्पल समवर्ड सात, तीतल 18, उल्लू तीन, जंगल बबलर 67, कामन हुप एक, इंडियन रोलर तीन, रेड वेंटेड बुलबुल दो, ब्लैक डरगो सात तथा कैंडिल इंजर्ड 17 पाए गए। इस अवसर पर डीएफओ ओपी सिंह ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए पक्षियों का संरक्षण बहुत जरूरी है। दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा करना मानव मात्र के लिए बहुत जरूरी है। क्षेत्रीय वनाधिकारी भास्कर प्रसाद पांडेय ने बताया कि हलिया रेंज में दुर्लभ पक्षियों का बसेरा बनाने के लिए पर्याप्त प्रकृति प्रदत्त स्थल मौजूद है। उन्होंने कहा कि पक्षियों का शिकार करते हुए पकड़े जाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय मटिहरा के बच्चों सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में स्कूली बच्चों तथा स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी ओपी सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की। सुबह आठ, नौ और दस बजे तीन बार पक्षियों की गणना की गई। इसमें पन कौवा 749, सीजल 461, ओरिएंटेड डार्टर 28, बगुला 155, तोता 50, ग्रीन वीईटर 12, ह्वाइट थ्रोटेड किंगफिशर छह, रेंज वारेंट लैपिंग 13, पर्पल समवर्ड सात, तीतल 18, उल्लू तीन, जंगल बबलर 67, कामन हुप एक, इंडियन रोलर तीन, रेड वेंटेड बुलबुल दो, ब्लैक डरगो सात तथा कैंडिल इंजर्ड 17 पाए गए। इस अवसर पर डीएफओ ओपी सिंह ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए पक्षियों का संरक्षण बहुत जरूरी है। दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा करना मानव मात्र के लिए बहुत जरूरी है। क्षेत्रीय वनाधिकारी भास्कर प्रसाद पांडेय ने बताया कि हलिया रेंज में दुर्लभ पक्षियों का बसेरा बनाने के लिए पर्याप्त प्रकृति प्रदत्त स्थल मौजूद है। उन्होंने कहा कि पक्षियों का शिकार करते हुए पकड़े जाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय मटिहरा के बच्चों सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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